बागेश्वर में भारी बारिश से 50 नाली कृषि भूमि बही, मकानों पर मंडराया खतरा, प्रशासन की टीम गांव रवाना

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बागेश्वर। बास्ती गांव में अतिवृष्टि ने लोगों को हिला कर रख दिया। शिखर टप से भारी मात्रा में पानी गांव की तरफ बहने लगा। जिसके कारण वहां अफरातफरी मच गई। देखते ही देखते लगभग 50 नाली कृषि भूमि गधेरे में आई बाढ़ में कटकर बह गई। एक सामूहिक घराट भी बह गया है और नहर, रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। तहसील प्रशासन कांडा गांव रवाना हो गया है।
शनिवार की सुबह लगभग दो बजे काडा तहसील के बास्ती गांव में अतिवृष्टि हुई है। जिससे स्थानीय गधेरा उफन गया और भूस्खलन होने से मलबा, खड़े पेड़, बोल्डर आदि गांव की तरफ बहने लगे। भारी-भरकम आवाजें सुनकर गांव के लोग जाग गए। ग्राम प्रधान केदान महर ने बताया कि शिखर टप से भारी मात्रा में पानी नीचे की तरफ बहने लगा और झमाझम बारिश होने से लोग दहशत में आ गए। उन्होंने कहा कि पानी स्थानीय गधेरे के माध्यम से खेतों तक पहुंच गया। जिससे दान सिंह, मोहन सिह, पान सिह, जोगा सिंह, हीरा सिंह, रमेश सिंह, बबलू मेहरा आदि के खेत बह गए हैं। गांव का सामूहिक घराट भी आपदा की भेंट चढ़ गया है। ग्राम प्रधान ने घटना की तत्काल सूचना कांडा तहसील को दी। उपजिलाधिकारी राकेश चंद्र तिवारी ने बताया कि टीम गांव के लिए रवाना हो गई है। जन और पशुहानि की सूचना नहीं है। एक मोटर पुल भी क्षतिग्रस्त हुआ है। उन्होंने बताया कि नुकसान का जायजा लिया जा रहा है।

कपकोट में बारिश के कारण बघर, रिखाड़ी-बाछम, कपकोट-कर्मी, कपकोट-लीती, सूपी मोटर मार्ग बंद हो गए हैं। अतिवृष्टि के काराण सड़कों पर भारी मात्रा में भूस्खलन हुआ है। मलबा और बोल्डर आने से पांच सड़कों पर पूरी तरह यातायात ठप हो गया है। जिससे स्थानीय लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।

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