जयपुर , राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की स्पेशल यूनिट-द्वितीय, जयपुर ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सीकर में प्रवर्तन निदेशालय (श्वष्ठ) के नाम पर वसूली करने वाले एक आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी उत्तम पाण्डेय, जो उत्तर प्रदेश के अयोध्या का निवासी है, उसे परिवादी से 13 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए होटल अशोका (कल्याण सर्किल) के पास से दबोचा गया। ्रष्टक्च महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, परिवादी ने 30 दिसंबर 2025 को जयपुर मुख्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी के साथ वर्ष 2022 में क्तस्नङ्ग क्क1ह्ल. रुह्लस्र. नामक कंपनी में निवेश के दौरान धोखाधड़ी हुई थी। आरोपी उत्तम पाण्डेय ने खुद को श्वष्ठ चंडीगढ़ के सहायक निदेशक कार्यालय का अधिकारी बताते हुए परिवादी से संपर्क किया। उसने झांसा दिया कि वह इस धोखाधड़ी के मामले से परिवादी का नाम हटवा देगा और उसे राहत दिलाएगा। 20 लाख से शुरू हुई थी डील
जांच में सामने आया कि आरोपी ने शुरुआत में राहत दिलाने के बदले 20 लाख रुपये की मांग की थी। लंबी सौदेबाजी के बाद सौदा 13 लाख रुपये पर तय हुआ। शिकायत का सत्यापन होने के बाद एसीबी ने जाल बिछाया।
कार्यवाही का नेतृत्व : उपमहानिरीक्षक (ष्ठढ्ढत्र) अनिल कयाल के निर्देशन में उप अधीक्षक श्री विजय सिंह द्वारा ट्रैप को अंजाम दिया गया।
बरामदगी : आरोपी के पास से कुल 13 लाख रुपये बरामद हुए, जिसमें 2 लाख रुपये नकद और 11 लाख रुपये अन्य माध्यम से लिए गए थे।
धाराएं : आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस ठगी के नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं।
सावधान रहें : केंद्रीय जांच एजेंसियों के नाम पर डराकर या राहत दिलाने का वादा कर पैसे मांगने वाले बिचौलियों की सूचना तुरंत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दें।