सड़क हादसे के मामले में बस चालक को दोषमुक्त , 14 साल बाद आया फैसला

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विकासनगर(। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रविशंकर मिश्रा की अदालत ने वर्ष 2011 में हुए सड़क हादसे के मामले में बस चालक को दोषमुक्त कर दिया है। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपी के खिलाफ आरोप सिद्ध न होने पर यह निर्णय सुनाया। अभियोजन के अनुसार अनिता पुत्री बहादुर सिंह मूल निवासी ग्राम किस्तूड़ थाना त्यूणी अपनी रिश्तेदारी में लक्ष्मणपुर डाकपत्थर रोड क्षेत्र में रह रही थी। 27 दिसंबर 2011 को वह डाकपत्थर कॉलेज से बस से वापस घर लौट रही थी। दोपहर करीब 12 बजे डाकपत्थर रोड स्थित पोस्ट ऑफिस के पास बस से उतरते समय बस चालक द्वारा कथित रूप से लापरवाही से बस आगे बढ़ाने पर वह गिर गई। गंभीर चोट लगने के कारण उसे लेहमन अस्पताल ले जाया गया। वहां पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद 29 दिसंबर 2011 को कोतवाली विकासनगर में बस चालक धर्मेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी परीक्षण रिपोर्ट, पंचायतनामा, एफआईआर समेत कई दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। वहीं, बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि एफआईआर घटना के दो दिन बाद दर्ज कराई गई। वादी घटना का प्रत्यक्षदर्शी नहीं है। इसके साथ बस कंडक्टर और हेल्पर को गवाह नहीं बनाया गया। गवाहों के बयानों में भी विरोधाभास पाया गया। सभी पक्षों की दलीलें और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में सफल नहीं हो पाया। इस पर अदालत ने आरोपी धर्मेंद्र को दोषमुक्त कर दिया। यह मामला करीब 14 वर्षों तक अदालत में विचाराधीन रहा।

 

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