रुद्रप्रयाग : पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) द्वारा केदारघाटी के रुद्रपुर ग्राम में 220 केवी विद्युत सब-स्टेशन के निर्माण की योजना तैयार की गई है। इस सब-स्टेशन के बनने से मन्दाकिनी घाटी में स्थित उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) की 4 मेगावॉट की कालीगंगा प्रथम, 4.5 मेगावॉट की कालीगंगा द्वितीय, 15 मेगावॉट की मद्महेश्वर एवं 76 मेगावॉट की प्रस्तावित फाटा-व्यूंग जल विद्युत परियोजनाओं से उत्पादित विद्युत ऊर्जा की सुचारु आपूर्ति संभव हो सकेगी।
पिटकुल के अधिशासी अभियंता हिमांशु चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में जनपद रुद्रप्रयाग में पिटकुल का कोई भी सब-स्टेशन नहीं है, जिसके चलते जनपद की जनता को लो वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जबकि यूजेवीएनएल की वर्तमान जल विद्युत परियोजनाओं से उत्पादित कुल 14.5 मेगावाट विद्युत में से व्यस्ततम घंटे अधिकतम 11 से 12 मेगावाट ही निकासी संभव हो पा रही है, जिससे प्रदेश को राजस्व की हानि भी हो रही है। उन्होंने बताया कि उपसंस्थान के निर्माण के बाद न केवल इन परियोजनाओं से पूर्ण क्षमता में विद्युत निकासी हो सकेगी, बल्कि यूपीसीएल के 33 केवी सब-स्टेशन गुप्तकाशी और ऊखीमठ सहित केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग के सभी ग्रामों, कस्बों और यात्री विश्राम स्थलों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति कराई जा सकेगी। इसके अलावा केन्द्र सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण केदारनाथ रोपवे परियोजना के लिए भी विद्युत आपूर्ति इसी उपसंस्थान के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि यह परियोजना पूरी नहीं होती है, तो भविष्य में केदारनाथ घाटी में विद्युत संकट बना रहेगा, जिससे रोपवे जैसी परियोजना पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। (एजेंसी)