पिथौरागढ़ में बारिश से 12 सड़कें बंद, लोग परेशान

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पिथौरागढ़। मानसून की दस्तक से पहले जनपद में झमाझम बारिश हुई। इससे जहां घाटी वाले क्षेत्रों के लोगों के गर्मी से राहत मिली। वहीं, जंगलों में लगी आग भी शांत हो गई है। जिससे वन विभाग को काफी राहत मिली है। बारिश के बाद जनपद में तवाघाट-लिपूलेख एनएच समेत 12 सड़कें भी मलबा आने से बंद हो गई हैं। जनपद में पिछले 24 घंटे से मौसम अपना रंग बदलता रहा है। जिला मुख्यालय और उसके आसपास के क्षेत्रों में 13 एमएम बारिश हुई है। डीडीहाट में सर्वाधिक 78़7 एमएम बारिश हुई। इससे यहां के नदी-नाले उफना गए। नगर की सड़कों में भी नालियों का पानी बहने लगा। धारचूला ओर उससे सटे कालिका, बलुवाकोट, जौलजीबी में 21 एमएम से अधिक बारिश दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में बारिश के बाद कई सड़कें बंद हो गई हैं। मुनस्यारी में 6़2 एमएम से अधिक बारिश हुई है। बेरीनाग में तड़के भी बारिश हुई। यहां 4़7 एमएम बारिश के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिली है। चौकोड़ी और पाताल भुवनेश्वर के दर्शनों को आए पर्यटकों ने भी बारिश का जमकर आनंद लिया।
40 हजार से अधिक की आबादी सड़क बंद रहने से परेशान
पिथौरागढ़। मानसून के पहुंचने से पहले हो रही बारिश में जिले के एक एनएच के साथ 12 आतंरिक सड़कों के बंद हो जाने से लोगों को परेशानी हो रही है। इन सड़कों के बंद रहने से 40 हजार से अधिक की आबादी को दिक्कत झेलनी पड़ रही है। सड़कों के बंद रहने से लोगों के लिए ग्रामीण उत्पाद बाजार तक पहुंचाने भी कठिन हो गया है। छिरकिला-जमकू, कालिका-खुमती, आदिचोरा-हुनेरा, सामेदव-तिरगोली सड़क बंद होने के 24 घंटे बाद भी यातायात के लिए नहीं खोली जा सकी है। इस कारण लोग गांव से दूध, सब्जी बाजार तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। अन्य सड़कों के भी बंद रहने से बड़ी आबादी को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
ये सड़कें हैं बंदरू धारचूला-लिपूलेख एनएच, छिरकिला-जमकू, कालिका-खुमती, बांसबगड़ कोटा पंद्रहपाला, आदिचोरा-हुनेरा, सामेदव- तिरगोली,
कालिका-बजानी, बुंगाछीना- बाटुला, कनालीछीना- देवलथल, कनालीछीना-पीपली, दिग्तोली- दयूडी, नैनीपातल- मड़मानले-कठपतिया

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