प्रदेशभर में 166 ग्रामीण सड़कें बंद

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देहरादून। उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते मलबा आने से 166 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। इनमें गढ़वाल मंडल की 142 एवं कुमाऊं की 24 सड़कें शामिल हैं। वहीं, सात पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें से दो पुल पूरी तरह बह गए हैं। ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने शनिवार को अपने कैंप कार्यालय में यूआरआरडीए के अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत बरसात से बाधित सड़कों की समीक्षा की। बैठक में मंत्री जोशी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बरसात के कारण अवरुद्ध हुई सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर युद्धस्तर पर खोला जाए। उन्होंने दूरभाष के माध्यम से मुख्य सचिव से वार्ता कर बरसात में क्षतिग्रस्त एवं बह चुके पुलों के शीघ्र पुनर्निर्माण के लिए ठोस कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इन पुलों के पुनर्निर्माण में तेजी लाई जाए, ताकि ग्रामीणों को आवागमन की कठिनाइयों से शीघ्र निजात मिल सके। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि धारचूला स्थित सोबला उमचिया में एक पुल और रुद्रप्रयाग के जखोली ब्लॉक में खोली रणधार-बधाणीताल से खोड बक्सीर-छेनागड़ मोटर मार्ग का एक पुल बह गया है।अधिकारियों ने बताया कि सड़कों एवं पुलों की बहाली कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। गढ़वाल क्षेत्र में 91 और कुमाऊं क्षेत्र में 13 जेसीबी मशीनों को अवरुद्ध मार्गों को खोलने के कार्यों में लगाया गया है। बैठक में यूआरआरडीए के मुख्य अभियंता संजय कुमार पाठक सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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