बागेश्वर। सरकार की मंशा यदि जिले में कारगर हुई तो 2024 तक हर घर में नल से जल पहुंचेगा। जिले में 52 हजार 156 घरों में जल पहुंचाने का लक्ष्य पूरा होगा। इसकी जिम्मेदारी जल निगम, जल संस्थान और स्वजल विभाग को सौंपी गई है। योजना को गति देने के लिए जिला जल एवं स्वच्छता मिशन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक हुई। इसमें डीएम रंजना राजगुरु ने अधिकारियों से योजना का लाभ सभी तक पहुंचाने के लिए तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए। कलक्ट्रेट में हुई बैठक में परियोजना प्रबंधक शिल्पी पंत ने बताया कि कि जल निगम को 26879, जल संस्थान 8635 तथा स्वजल से 16642 घरों में नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस योजना के तहत ग्राम स्तर पर संपूर्ण योजना का पांच प्रतिशत अंशदान अनिवार्य होगा, अंशदान किस्तों में लिया जा सकता है। योजना के संचालन का रखरखाव ग्राम समिति करेगी। इसमें 50 प्रतिशत महिलाओं को प्रतिनिधित्व, 25 प्रतिशत एससी व एसटी तथा 25 प्रतिशत अन्य उपभोक्ता का समूह का होना जरूरी है। डीएम रंजना राजगुरू ने संबंधित अधिकारियों से ठोस कार्य योजना तैयार करने को कहा। जहां कोई पेयजल योजना नहीं है उन गावों को प्रथम चरण में चिह्नित करने के निर्देश दिए। वर्ष 2020-21 में 7272 घरों को कनेक्शन देने का लक्ष्य है। प्रथम चरण में लगभग 1400 कनेक्शन देने का लक्ष्य है। इसके लिए तीन करोड़, 94 लाख, छह हजार बजट का प्राविधान है। पेयजल निगम की 10 योजनओं के लिए दो करोड़, 25 लाख, 37 हजार, जल संस्थान की छह योजनाओं के लिए एक करोड़, सात लाख, 42 हजार तथा स्वजल की पांच योजनओं के लिए 61 लाख, 27 हजार की धनराशि का प्राविधान किया गया हैं। जिसका समिति ने सर्वसमिति से अनुमोदन किया गया। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा जो सुझाव दिए गए उन सुझावों पर गंभीरता से कार्य करें। विधायक बागेश्वर चंदन राम दास ने कहा कि अभी तक जिन ग्राम पंचायतों एवं तोकों में पानी की कोई भी योजना संचालित नहीं हो रही हैं उनमें प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना बनायी जाए। कपकोट के विधायक बंलवंत सिंह भौर्याल ने कहा कि हर घर को नल एवं जल उपलब्ध कराने का जो लक्ष्य रखा गया हैं उसके तहत सभी अधिकारी कार्य करें। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव, सीडीओ डीडी पंत, प्रभागीय वनाधिकारी मंयक शेखर झा, ईई जल निगम सीपीएस गंगवार, जल संस्थान एमकेटम्टा, सिंचाई एके जॉन, मुख्य कृषि अधिकारी वीपीमौर्या, प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वीके सक्सेना आदि रहे।