देहरादून(। दून में जमीन हड़पने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 22 साल से लापता एक युवक को कागजों में मृत दर्शाकर उसका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया और फिर करोड़ों की जमीन पहले मां के नाम दर्ज करवाई और बाद में उसे बेच डाला। हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने इस विवादित जमीन पर बैंक से लोन भी ले लिया। मूल रूप से नालासोपारा, महाराष्ट्र निवासी बुजुर्ग महिला प्रतिमा लाखीराम कंसवाल के पावर ऑफ अटॉर्नी धारक अर्जुन सिंह भंडारी ने आईजी गढ़वाल को दी शिकायत में बताया कि अजबपुर खुर्द में उनके बेटों विनोद और राकेश के नाम 406 वर्गमीटर जमीन है। छोटा बेटा राकेश साल 2004 से मुंबई से लापता है। जमीन खरीदने के बहाने प्रदीप सकलानी नाम के व्यक्ति ने परिवार का भरोसा जीता और लापता बेटे को कोर्ट के जरिए मृत घोषित कराकर जमीन मां के नाम कराने का झांसा दिया। आरोपी ने जमीन के कागजात और आधार कार्ड हासिल करने के बाद बड़े पैमाने पर जालसाजी की। आरटीआई में पता लगा कि राकेश का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और उसके जरिए उत्तरजीवी प्रमाण पत्र बनवाया गया। फर्जी विरासत दर्ज कराने के बाद प्रदीप ने यह जमीन बलबीर भंडारी, दिनेश उनियाल और इंदु उनियाल को बेच दी। शिकायत है कि इन खरीदारों ने मिलीभगत कर इस जमीन पर इंडियन बैंक से लोन भी ले लिया। इस पूरे खेल में प्रदीप की पत्नी संध्या सकलानी, मनोज भंडारी और अजय सजवाण की भूमिका भी सामने आई है। एसओ नेहरू कॉलोनी संजीत कुमार ने बताया कि शिकायत पर फर्जीवाड़े में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।