कत्यूर घाटी के 25 गांवों में 22 घंटे बाद बिजली सुचारू

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बागेश्वर। कत्यूर घाटी के 25 गांवों की बिजली बमुश्किल 22 घंटे बाद सुचारू हो पाई। गांवों में बिजली आने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली साथ ही लचर व्यवस्था के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश भी देखा गया। कत्यूर घाटी के 25 गांवों की बिजली बुधवार अपराह्न दो बजे अचानक गुल हो गई। ग्रामीण बिजली आने का इंतजार करते रहे, लेकिन रातभर ब्लैक आउट रहा। इससे ग्रामीणों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। चार्ज न होने से मोबाइल शोपीस बन गए साथ ही गुरुवार को वर्चुअल और ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले बच्चे भी खासे परेशान दिखे। विद्युत संविदा कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से ऊर्जा निगम को फाल्ट ठीक करने में पसीने छूट गए। गुरुवार को दिन में बमुश्किल बारह बजे आर्पूित सुचारू हो पाई। बिना किसी आपदा के 22 घंटे बाद बिजली सुचारू होने पर ग्रामीणों में खासा आक्रोश भी देखा गया। जिनखोला की ग्राम प्रधान मंजू बोरा, मटेना के ग्राम प्रधान रविशंकर बिष्ट, उप प्रधान नीमा बड़सीला, पूर्व प्रधान चंद्रशेखर जोशी, ग्रामीण बसंत कांडपाल, गिरीश चंद्र भट्ट, मनोज खोलिया, कैलाश पांडे, जगदीश खोलिया आदि का कहना है कि जब एक बारिश में निगम के ये हाल हैं तो बरसात या आपदा के समय क्या हाल होंगे? उन्होंने बरसात के मौसम को देखते हुए तत्काल व्यवस्था दुरुस्त रखने की मांग की है। वर्जन
आकाशीय बिजली गिरने से गरुड़ के डंगोली से गागरीगोल वाली विद्युत लाइन में डिस्क व पिन इंसुलेटर जल गए, जिससे बिजली गुल हो गई। गुरुवार के दिन में विद्युत आर्पूित सुचारू कर दी गई है। – भाष्कर पांडे, ईई, ऊर्जा निगम

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