नईदिल्ली, चक्रवात दित्वाह आज तमिलनाडु और पुडुचेरी से टकरा सकता है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। तूफान से जुड़ी बारिश की घटनाओं में तमिलनाडु में 3 लोगों की मौत हो गई। तूतीकोरिन और तंजावुर में दीवार गिरने से 2 लोग मारे गए हैं, जबकि मयिलादुथुराई में करंट लगने से एक मौत हुई है। तमिलनाडु में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) समेत 28 से ज्यादा टीमों को तैनात किया गया है।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, 29 नवंबर की रात 11:30 बजे तक तूफान 10.7 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 80.6 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। यह वेदारण्यम से लगभग 90 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व, कराईकल से 90 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, जाफना से 130 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पूर्व, पुडुचेरी से 160 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व और चेन्नई से लगभग 260 किलोमीटर दक्षिण में स्थित था। आईएमडी का अनुमान है कि यह तूफान अगले 24 घंटों में उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी तटरेखा के समानांतर रहेगा।
तमिलनाडु में भारी बारिश के कारण शनिवार को 54 उड़ानें रद्द की गईं। इंडिगो ने जाफना, तूतीकोरिन और तिरुचिरापल्ली की उड़ानें रद्द की हैं। पुडुचेरी विश्वविद्यालय ने छुट्टी घोषित कर दी है और सभी परीक्षाएं भी स्थगित की गई हैं। पुडुचेरी, कराईकल, माहे और यनम में सोमवार तक स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। तमिलनाडु में एनडीआरएफ की 14 और पुडुचेरी में 2 टीम तैनात की गई हैं। तमिलनाडु में कई ट्रेनों का समय बदला गया है।
तेज बारिश के बाद तमिलनाडु के थूथुकुडी में कई जगहों पर पानी भर गया है। नागपट्टिनम के अरुलमिगु वेदारण्येश्वर स्वामी मंदिर के गर्भगृह में भी जलभराव हो गया है। मंदिर के पुजारी त्यागराजन ने कहा, पिछले 3दिनों से हो रही भारी बारिश की वजह से मंदिर के अंदर पानी जमा हो गया। वेदारण्यम में लगातार भारी बारिश से कई इलाके जलमग्न हो गए हैं और नमक उत्पादन ठप हो गया है। 9,000 एकड़ नमक क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
श्रीलंका में दित्वाह के कारण बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में आकर 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। 100 से ज्यादा अभी भी लापता हैं। कोलंबो हवाई अड्डे पर 300 भारतीय यात्री 3 दिन से फंसे हुए हैं। दूतावास ने उन्हें खाने-पीने की सामग्री उपलब्ध कराई है। श्रीलंका की मदद के लिए भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु शुरू किया है और 27 टन राहत सामग्री वहां पहुंचाई है।
तमिलनाडु के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री के रामचंद्रन ने कहा कि सरकार युद्ध स्तर पर बचाव एवं राहत उपाय करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ सहित लगभग 28 आपदा प्रतिक्रिया दल तैयार हैं। हम अन्य राज्यों से 10 अतिरिक्त दल हवाई मार्ग से लाने की योजना बना रहे हैं। वायुसेना और तटरक्षक बल को सतर्क कर दिया गया है। राज्य में बारिश से 16 मवेशी मारे जाने और 24 झोपड़ियां क्षतिग्रस्त होने की खबर है।