हरिद्वार()। पथरी क्षेत्र के गांव नसीरपुर कलां में शुक्रवार सुबह तेज हवा के बीच हाईटेंशन बिजली लाइन के तार आपस में टकराने से निकली चिंगारी ने गेहूं की खड़ी फसल में आग लगा दी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 30 बीघा फसल जलकर राख हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में अफरातफरी मच गई और किसान आग बुझाने में जुट गए। जानकारी के अनुसार, नसीरपुर कलां निवासी रियासत अली के खेतों में करीब 35 बीघा गेहूं की फसल खड़ी थी। सुबह तेज हवा के कारण बिजली के तार आपस में टकरा गए, जिससे निकली चिंगारी सूखी फसल पर गिर गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। खेतों में काम कर रहे मजदूरों ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के किसान मौके पर पहुंच गए। खेत मालिक को सूचना दी गई और तत्काल ट्रैक्टर व ट्यूबवेल के माध्यम से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। इसी बीच किसानों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। किसानों की तत्परता और सूझबूझ से आग को फैलने से रोका जा सका, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था। गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, वरना आसपास के खेतों में खड़ी फसल भी इसकी चपेट में आ सकती थी। पास के किसानों मुतियाज अली, जलालुदीन, मुस्तकीम, मुशर्रफ और इरफान की फसलें बाल-बाल बच गईं।पीड़ित किसान रियासत अली ने करीब 50 हजार रुपये के नुकसान का अनुमान लगाते हुए प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। क्षेत्र के किसानों गालिब हसन, रामपाल, पंकज सैनी, कालू हसन, राजकुमार चौधरी, डॉ. नूर अली, अहसान मलिक, मोमिन मलिक, सुंदर कश्यप, धर्मेंद्र चौहान, पृथ्वी सिंह, दिलशाद अली, नूतन प्रधान, देशराज सैनी, श्याम सुंदर चौहान, प्रमोद चौहान आदि का कहना है कि यदि क्षेत्र में अग्निशमन की सुविधा नजदीक होती तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। किसानों ने पथरी क्षेत्र में स्थायी रूप से अग्निशमन वाहन तैनात करने की मांग उठाई है।