बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोए 5 मजदूरों की दम घुटने से मौत, पेंट का काम करने आए थे सभी

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कुरुक्षेत्र ,धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में पिपली रोड स्थित होटल स्टर्लिंग रिसोर्ट में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां ठंड से बचने के लिए कमरे में अंगीठी जलाकर सोना पांच लोगों के लिए काल बन गया। बीती रात बंद कमरे में अंगीठी की गैस से दम घुटने के कारण वहां सो रहे सभी पांच मजदूरों की मौत हो गई। ये सभी मजदूर होटल में चल रहे निर्माण कार्य के तहत रंग-रोगन का काम करने आए थे।
जानकारी के अनुसार, दिन भर काम करने के बाद लेबर क्लास के ये पांच लोग रात को एक ही कमरे में सोए थे। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए उन्होंने कमरे में अंगीठी जला रखी थी और दरवाजा व खिड़की बंद कर लिए थे। सुबह जब काफी देर तक कमरे से कोई बाहर नहीं निकला, तो होटल स्टाफ को संदेह हुआ। सफाई कर्मी ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद जब स्टाफ ने खिड़की से झांककर देखा तो अंदर कोई हरकत नहीं हो रही थी। अनहोनी की आशंका होने पर होटल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचित किया।
सूचना मिलते ही थाना शहर एसएचओ दिनेश राणा और सेक्टर-7 चौकी इंचार्ज कमल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। होटल के सुपरवाइजर उपेंद्र ने पुलिस को बताया कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का ठेकेदार नूर अपनी लेबर के साथ यहां पेंट का काम करने आया था। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में ले लिया है। एसएचओ दिनेश राणा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मौत का कारण दम घुटना ही प्रतीत हो रहा है, क्योंकि कमरे में हवा पास होने के लिए महज एक खिड़की और दरवाजा था, जो पूरी तरह बंद थे। परिजनों के पहुंचने के बाद शवों का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
गौरतलब है कि सर्दियों में अक्सर लोग ठंड से बचाव के लिए बंद कमरे में अंगीठी, अलाव या ब्लोअर का इस्तेमाल करते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, बंद कमरे में आग या हीटर जलाने से ऑक्सीजन का स्तर तेजी से कम हो जाता है और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी aजहरीली गैस बनती है। यह गैस इतनी खतरनाक होती है कि सो रहे व्यक्ति को पता भी नहीं चलता और वह बेहोशी की हालत में मौत के आगोश में समा जाता है।

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