5 साल का बच्चा बन गया 2 बेटों का बाप !

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एसआईआर ने खोली पोल तो अधिकारी भी रह गए दंग
कोलकाता ,। देश में जबसे वोटर लिस्ट पुनरीक्षण (एसआईआर ) शुरू हुआ है और तबसे चुनाव आयोग के अजब-गजब कारनामे सामने आ रहे हैं। ऐसा नहीं है कि, एसआईआर को लेकर सबसे ज्यादा हंगामा मचाने वाले बंगाल में ही जब-गजब कारनामे सामने आ रहे हैं। बरन मध्यप्रदेश से लेकर बंगाल तक एसआईआर प्रक्रिया हो रही है। इस बीच बंगाल से ऐसा अजीबोगरीब मामला सामने आया है। पूर्व बर्द्धमान जिले से सामने आया यह मामला न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया में रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में एक व्यक्ति को पांच साल की उम्र में दो बेटों का पिता बताया गया। जब यह बात प्रशासन के सामने आई तो अधिकारी भी हैरान रह गए। यह अजीबोगरीब गड़बड़ी एसआईआर प्रक्रिया के दौरान सामने आई। मामला पूर्व बर्द्धमान जिले के मंगलकोट थाना क्षेत्र के शीतल गांव का है। यहां एक ही परिवार से जुड़ी वोटर लिस्ट एंट्री पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गई है।
बता दे कि, चुनाव आयोग की मतदाता सूची के मुताबिक सरोज मांझी की उम्र 63 साल दर्ज है। वहीं उनके कथित बेटों के नाम लक्ष्मी मांझी (59) और सागर मांझी (58) बताए गए हैं। यानी रिकॉर्ड के अनुसार सरोज मांझी पांच साल की उम्र यानी बचपन में ही पिता बन गए थे, जो जैविक रूप से असंभव है। यह मामला शीतल गांव के बूथ नंबर 175 से जुड़ा हुआ है, जहां एसआईआर प्रक्रिया के तहत जब दस्तावेजों का वेरिफिकेशन किया गया, तो यह गलती सामने आई। वेरिफिकेशन के दौरान बड़ा खुलासा तब हुआ जब सूची में दर्ज दोनों ‘बेटोंÓ ने स्वीकार किया कि वे सरोज मांझी के जैविक पुत्र नहीं हैं। दोनों ने खुद को ‘फर्जी बेटाÓ बताया और कहा कि उनका मूल निवास बांग्लादेश में है। उनका कहना है कि करीब 22 साल पहले वे बांग्लादेश से पहले मुर्शिदाबाद और फिर काम की तलाश में मंगलकोट के शीतल गांव आए थे। इसी दौरान उनके नाम वोटर लिस्ट में जोड़े गए। ‘फर्जी बेटोंÓ के मुताबिक उस समय स्थानीय माकपा नेताओं ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि उनके नाम मतदाता सूची में जुड़वा दिए जाएंगे। इसी प्रक्रिया में सरोज मांझी को उनका पिता दिखा दिया गया। एक ‘फर्जी बेटेÓ की पत्नी ने भी कहा कि उनके सास-ससुर बांग्लादेश में रहते थे और उन्हें इस उम्र संबंधी गड़बड़ी की जानकारी नहीं थी। मामला सामने आने के बाद से परिवार कथित तौर पर डर और मानसिक तनाव में जी रहा है। सरोज मांझी ने साफ तौर पर कहा है कि उनके असली बेटे सुजीत मांझी और अनुप मांझी हैं। उन्होंने दावा किया कि वे अनपढ़ हैं और उन्हें नहीं पता कि कैसे दो अन्य लोगों के नाम उनके बेटों के रूप में दर्ज हो गए। उनके जैविक बेटों ने भी प्रशासन के सामने यही कहा कि उनके पिता के केवल दो ही असली बेटे हैं और बाकी नाम फर्जी एंट्री हैं। जिला प्रशासन ने कहा है कि यह मामला गंभीरता से जांच के दायरे में है। अधिकारियों के मुताबिक, एसआईआर प्रक्रिया का उद्देश्य ही इस तरह की गड़बड़ियों को सामने लाना है और जांच पूरी होने के बाद जरूरी कार्रवाई की जाएगी।

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