हल्द्वानी(। 9-कुमाऊं बटालियन ने लामाचौड़ में मंगलवार को भारत–पाक युद्ध की वर्षगांठ पर मैनामती दिवस (विजय दिवस) धूमधाम से मनाया। यहां पूर्व सैनिकों ने बताया कि कैसे दुश्मनों ने भारतीय फौज के आगे घुटने टेक दिए थे। कार्यक्रम के दौरान युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। मंगलवार को एक निजी बैंक्वेट हॉल में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। वक्ताओं ने कहा कि 9 कुमाऊं के साहस, बढ़ते कदमों और अदम्य जोश को देखकर दुश्मन के हौसले टूट गए थे। पाकिस्तान के पांच हजार सैनिकों ने हथियार और सैन्य साजो-सामान के साथ आत्मसमर्पण किया था। इस ऐतिहासिक लड़ाई में 9 कुमाऊं के 19 वीर जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जबकि 31 जवान घायल हुए। इस युद्ध में बटालियन को एक वीर चक्र, एक सेना मेडल, दो मेंशन इन डिस्पैच और थिएटर ऑनर ‘पूर्वी पाकिस्तान’ से अलंकृत किया गया था। कार्यक्रम में 1971 के युद्ध में शामिल वयोवृद्ध पूर्व सैनिक कैप्टन (सेनि.) राम सिंह राणा, हवलदार आनंद बल्लभ पांडे एवं पूर्व सैनिक नारायण सिंह नेगी को सम्मानित किया गया। यहां कर्नल (सेनि.) भोपाल सिंह रौतेला, मेजर कुंवर सिंह महर, राम सिंह राणा आदि मौजूद रहे।