कोटद्वार-पौड़ी

कार्यशाला में बच्चों ने सीखे व्यक्तिगत विकास के गुर

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जयन्त प्रतिनिधि।
श्रीनगर गढ़वाल:शैलनट नाट्य संस्था की ग्रीष्मकालीन रंगमंच कार्यशाला का रविवार को समापन हुआ। सात दिवसीय कार्यशाला में 17 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया। इसमें उच्चारण, संवाद संप्रेषण, अभिनय आदि के विषय में जानकारी दी गई।
कमलेश्वर स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में कार्यशाला का शुभारम्भ 20 जून को किया गया था। एनएसडी, त्रिपुरा के डिप्लोमा धारक उमंग खुगशाल ने इस सात दिवसीय कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षुओं का प्रोसेस ड्रामा, मेंटन ऑफ एक्सपर्ट के जरिये नाटक की बारीकियों से परिचय करवाया। साथ ही मानसिक व शारीरिक नियंत्रण के लिये छाउ नृत्य आदि की विशिष्ट मुद्राओं का अभ्यास करवाया गया। कार्यशाला में प्रशिक्षुओं को उच्चारण, संवाद संप्रेषण, अभिनय आदि के विषय में भी जानकारी दी गई। कार्यशाला के समापन के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय कवि व रंगकर्मी जयकृष्ण पैन्यूली ने ऐसी कार्यशाला को व्यक्तित्व विकास में सहायक बताया। उन्होंने युवा प्रशिक्षुओं से जीवन में सफलता प्राप्त करने के साथ ही अच्छे नागरिक बनने का आह्वान किया। इस मौके पर शैलनट अध्यक्ष अभिषेक बहुगुणा, सचिव मनोजकांत उनियाल, कोषाध्यक्ष महेश गिरि, अरविंद नेगी, काजल मेहरा, रजत भट्ट, अभिषेक सेमवाल, संजय बडोनी आदि मौजूद रहे।

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