कोरोना काल में रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाने व बेचने में भी सामने आया था नाम
हैदराबाद पुलिस व कोटद्वार पुलिस ने फैक्ट्री में संयुक्त रूप से मारा छापा
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : भाबर क्षेत्र के अंतर्गत सिगड्डी सिडकुल इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित एक फैक्ट्री से नकदी दवाओं का जखीरा बरामद हुआ है। मामले में पुलिस ने फैक्ट्री स्वामी सहित एक अन्य को गिरफ्तार किया है। वर्ष 2021 में कोरोना काल के दौरान उक्त फैक्ट्री का नाम रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाने व बेचने में भी सामने आया था। तब दिल्ली की क्राइम ब्रांच ने फैक्ट्री में छापा मारा था।
स्टेट विजलेंस आफिसर तेलंगाना किरन कुमार जानू बताया कुछ दिन पूर्व टीम ने तेलंगाना में नकली दवाओं की खेप पकड़ी थी। जिसके तार कोटद्वार स्थित सिगड्डी सिडकुल की एक फैक्ट्री से जुड़ रहे थे। बताया कि फैक्ट्री में छापेमारी करने के लिए जिले के उच्चाधिकारियों से संपर्क किया गया। जिसके बाद कोटद्वार पुलिस व तेलंगाना की टीम ने फैक्ट्री में छापेमारी की। टीम ने बुधवार से छापेमारी शुरू कर दी थी। तेलंगाना की टीम ने बताया कि मामले में हैदराबाद के एक थाने में आईपीसी की धारा 274, 275, 420 ड्रग कंट्रोल एक्ट 17 बी 17 सी आर डब्ल्यू 27 सी में मुकदमा दर्ज है। कोटद्वार फैक्ट्री में नकली दवा बरामद होने के बाद फैक्ट्री स्वामी विशद व रूड़की निवासी सचिन को गिरफ्तार किया गया है। बताया कि सचिन फैक्ट्री से माल उठाकर इसे आगे सप्लाई करता था। बताया कि फैक्ट्री से 43 लाख रुपये की नकली दवा मिली है। फैक्ट्री में नकली दवा बनाकर उस पर बड़ी कंपनियों के रेपर लगाए जाते थे।
कोरोना काल में भी आई थी चर्चाओं में
यह वहीं फैक्ट्री वहीं है, जिसमें कोरोनाकाल के दौरान अप्रैल 2021 में दिल्ली में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बनने व बेचने का नाम सामने आया था। तब दिल्ली की क्राइम ब्रांच ने यहां छापा मारा था, हालांकि तब यहां कुछ भी बरामद नहीं हुआ। कोटद्वार में लगातार बढ़ रही इस तरह की गतिविधियों के बाद सरकारी सिस्टम पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।