शिक्षा व्यवस्था के विस्तारीकरण एवं सुदृढ़ीकरण हेतु एनईपी-2020 के तहत की जायेगी नई कार्ययोजना तैयार

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-पीजीआई रैंकिंग व जीईआर सुधार पर रहेगा फोकस
देहरादून(। वर्ष 2026 में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के विस्तारीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिये एनईपी-2020 के तहत नई कार्ययोजना तैयार की जायेगी। जिसके तहत सकल नामाकंन अनुपात (जीईआर), पीजीआई रैंकिंग पर फोकस किया जायेगा ताकि देशभर में राज्य दो अंकों से नीचे की रैंकिंग हासिल कर सके। विद्या समीक्षा केन्द्र को अपग्रेड करते हुये सूबे के शत-प्रतिशत विद्यालयों को इससे जोड़ा जायेगा ताकि सभी विद्यालयों का समस्त डाटा एक क्लिक पर उपलब्ध हो सके।
राज्य पाठ्यचर्या होगा लागू: नई शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के तहत एससीईआरटी द्वारा तैयार राज्य पाठ्यचर्या लागू किया जायेगा। नया पाठ्यचर्या में विद्यालयी शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा पर फोकस किया गया है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कुल 240 दिवस का शैक्षणिक सत्र तय किया गया है। जिसमें 200 शिक्षण दिवस पठन-पाठन, 20 दिवस परीक्षा व मूल्यांकन तथा 10-10 दिवस बस्ता रहित व अन्य कार्यक्रमों के लिये नियत किये गये हैं। कक्षा 11 से छात्रों को अपने रुचि अनुसार विषय चुनने की स्वतंत्रता भी दी गई है, जिससे वे भविष्य की आवश्यकताओं एवं अपनी अभिरुचियों के अनुसार अध्ययन कर सकेंगे। यह पाठ्यचर्या विद्यालयों की कार्य संस्कृति और प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण बदलाव लाने में सक्षम है।
पुनर्गठित होगा एससीईआरटी का ढ़ांचा: राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) तथा जिला शिक्षा एंव प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) के ढांचे का पुनर्गठन किया जायेगा। जिसके लिये यूजीसी मानकों के अनुरूप सेवा नियमावली तैयार की जायेगी साथ ही पृथक शिक्षक संवर्ग का गठन किया जायेगा। जिससे शिक्षकों के प्रशिक्षण एवं अन्य गतिविधियों में अपेक्षित सुधार लाया जा सकेगा, जिसका लाभ प्रदेशभर के शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं को मिलेगा।

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