जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : सिविल जज न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में आरोपित को एक वर्ष चार माह की सजा सुनाई है। साथ ही व्यक्ति पर 14.90 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर व्यक्ति को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
लालपुर, सदाबहार कालोनी निवासी कमलेश कुमार की ओर से 28 जून 2018 को न्यायालय में वाद दायर किया गया था। जिसमें उन्होंने बताया कि ध्रवुपुर निवासी सोनीपाल सिंह से उनकी अच्छी जान-पहचान थी। सोनीपाल ने इलाहाबाद बैंक से ऋण लिया हुआ था। बताया कि सोनीपाल पर बैंक का ऋण लग रहा था, जिसके बाद उसने उन्हें चौदह लाख रुपये उधार देने के लिए कहा। साथ ही एक महीने के भीतर उधार की रकम वापस लौटाने की बात कही गई। बताया कि अक्टूबर 2016 को उन्होंने सोनीपाल को चौदह लाख रुपये दे दिए। लेकिन, सोनीपाल ने एक माह बाद भी रकम वापस नहीं लौटाई। बताया कि कई बार रकम वापस मांगने के बाद सोनीपाल ने उन्हें बैंक का चौदह लाख रुपये का चेक थमा दिया। लेकिन, जब उन्होंने वह चेक अपने खाते में लगाया तो वह बाउंस हो गया। इसके बाद उन्होंने सोनीपाल को नोटिस भेजा। लेकिन, उसने नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। अधिवक्ता अनिल खंतवाल ने बताया कि मामले में सिविल जज न्यायिक मजिस्ट्रेट सोनिया ने मामले में सोनीपाल को दोषी पाते हुए एक वर्ष चार माह की सजा सुनाई है। कारावास के साथ ही आर्थदंड लगाया है। जिसमें से चौदह लाख अस्सी हजार रुपये परिवादी को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे। शेष धनराशि दस हजार रुपये राज्य सरकार के खाते में जमा किए जाएंगे।