हरिद्वार। योगगुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि आचार्यकुलम विश्व का विशिष्ट शिक्षण संस्थान है। जहां योग और अध्यात्म से प्राप्त संस्कारों से विद्यार्थी का नित्य शिखर आरोहण होता है। यह बात योगगुरु ने विद्यार्थियों के दीक्षारोहण के दौरान कहीं। बुधवार को आचार्यकुलम शिक्षण संस्थान का दीक्षारोहण संपन्न हुआ। योगगुरु स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने कक्षा 12 वीं के 49 बालकों और 41 बालिकाओं सहित कुल 90 विद्यार्थियों का दीक्षारोहण किया। समारोह में मंत्रोच्चार के मध्य योगगुरु ने सभी क्रियाविधि की व्याख्या की। विद्यार्थियों ने महाज्ञान ज्योति से अपने दीपों को ज्योतिर्मय कर दीक्षारोहण की प्रतिज्ञा ली। साथ ही आचार्यकुलम से प्राप्त शिक्षा व संस्कारों को सर्वत्र प्रसारित करने का संकल्प लिया। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि दीक्षारोहण का पावन उत्सव सकारात्मकता व पुरुषार्थ का संवाहक है। दीक्षा प्राप्त विद्यार्थियों को योग व यज्ञ के अनुशासन का सदैव पालन करना चाहिए। इस मौके पर डॉ. ऋतंभरा शास्त्री, प्राचार्या स्वाति मुंशी, डॉ. एनपी सिंह, आशु, पारुल, जयदीप आर्य, राकेश मित्तल रवि पंडित, अनिल यादव, प्रदीप, तापस, अमित व दीपा आदि मौजूद रहे।