प्रशासन औद्योगिक विकास हेतु पूर्णत: प्रतिबद्ध

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डीएम ने खिर्सू में ‘किसान दिवस’ पर सुनीं जनसमस्याएं, कृषि और बागवानी को बढ़ावा देने जोर
जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : विकासखंड खिर्सू के सभागार में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में ‘किसान दिवस’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि एवं अन्य संबंधित विभागों द्वारा कृषकों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने स्वयं ग्रामीणों और कृषकों से सीधा संवाद कर उनका फीडबैक लिया और कृषि क्षेत्र में सुधार हेतु महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त किए। डीएम ने कहा कि जो मांगें तत्काल पूरी होने योग्य हैं, उन्हें अविलंब प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
कार्यक्रम में सोलर फेंसिंग, नवाचारी उपकरणों के माध्यम से जंगली जानवरों को भगाने तथा स्वरोजगार और स्थानीय युवाओं हेतु रोजगार सृजन के सुझाव दिए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि व्यावसायिक उत्पादन की जानकारी लेकर इसे जिला योजना में शामिल किया जाएगा। साथ ही सामूहिक घेरबाड़ को प्रोत्साहित करने के लिए इसे भी जिला योजना में शामिल किया जाएगा, ताकि जंगली जानवरों का आतंक कम हो। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन औद्योगिक विकास हेतु पूर्णत: प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों को सुझाव दिया कि यदि संबंधित ग्रामसभा अपनी भौगोलिक उपयुक्तता और संसाधनों के अनुसार किसी विशिष्ट उद्योग की स्थापना का प्रस्ताव सर्वसम्मति से भेजती है, तो प्रशासन उस पर संज्ञान लेते हुए उद्योग स्थापित करवाने की दिशा में हर संभव कार्यवाही करेगा। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी नूपुर वर्मा, तहसीलदार दीपक भंडारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय कृषक उपस्थित रहे।

डीएम ने नर्सरी, फॉरेस्ट नर्सरी और बासा होमस्टे का किया निरीक्षण
किसान दिवस के उपरांत जिलाधिकारी ने वन विभाग की नर्सरी का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने नर्सरी में पौधों की विभिन्न प्रजातियों को डिस्प्ले (प्रदर्शित) करने के निर्देश दिए, ताकि आगंतुकों को जानकारी मिल सके। नर्सरी परिसर में जर्जर भवनों की मरम्मत और नए भवनों के निर्माण हेतु तत्काल प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया, ताकि हॉर्टि-टूरिज्म का विकास हो सके। क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए जिलाधिकारी ने ‘बासा’ होमस्टे का निरीक्षण भी किया। उन्होंने होमस्टे तक सुगम पहुंच मार्ग (रास्ते) का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। साथ ही जिला पर्यटन विकास अधिकारी और उपजिलाधिकारी को संयुक्त निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा ताकि होमस्टे की सुविधाओं को और बेहतर बनाया जा सके।

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