सिल्ट के बाद अब तकनीकी फॉल्ट ने बढ़ाया जलसंकट

Spread the love

अल्मोड़ा। बरसात की आहट के साथ पहाड़ में पेयजल संकट रह रह कर सता रहा। कोसी पंप हाउस के आसपास जमा कई टन गाद जैसे-तैसे निकाली गई। रविवार को पंप चले और नगर व कोसी पर निर्भर 300 गांवों को जलापूर्ति सुचारू कर दी गई। मगर पंपों में तकनीकी खराबी ने दुश्वारियां फिर बढ़ा दी। सोमवार को जिला मुख्यालय स्थित तीन बड़े मोहल्लों को सप्लाई पूरी तरह ठप रही। वहीं कई अन्य बड़े इलाके में जरूरत से कम पानी पहुंच पाया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार मंगलवार से पेयजल व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाएगी। बीती 10 जून को पर्वतीय इलाकों में घंटों भारी बारिश हुई थी। अतिवृष्टि से उफनाए गधेरे अपने साथ वन क्षेत्रों में आग से कमजोर पड़ी मिट्टी भी बहा ले गए। इससे कोसी नदी में कई टन गाद जमा हो गई। सिल्ट आने से कोसी में स्थापित तीनों पंपों ने काम करना बंद कर दिया था। गाद से छुटकारा पाने के बाद रविवार को जिला मुख्यालय व आसपास के प्रभावित इलाकों को जलापूर्ति शुरू कर दी गई थी। इधर रविवार को पंपों में तकनीकी खराबी ने फिर रोड़ा लगा दिया। रोजाना एक घंटे के बजाय लोगों को आधा घंटा ही पानी मिल सका। दूसरी ओर नगर के मोहल्ला पांडेखोला, चीनाखान व खोल्टा की आपूर्ति पूरी तरह ठप होने से 15 हजार से ज्यादा की आबादी को पुराने स्टॉक या स्रोतों से काम चलाना पड़ा।
कोसी पंप हाउस के आसपास जमा 90 फीसद गाद निकाली जा चुकी है। बीती रविवार को सप्लाई सुचारू कर दी गई थी। सोमवार को पंप तकनीकी फॉल्ट आने से निर्धारित समय से कम चलाए गए। इससे 10 जलाशयों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच सका। मजबूरन लोगों को रोज की तुलना में कम पानी दिया गया। फॉल्ट ठीक करा मंगलवार से जलापूर्ति सुचारू हो जाएगी। – केएस खाती, अधिशासी अभियंता जल संस्थान

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *