अगस्त्य ऋषि मुनि महाराज की डोली नहीं बढ़ी आगे, घंटों लगा जाम

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रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि स्थित अगस्त्य ऋषि मुनि महाराज की चल विग्रह डोली मकर संक्रांति पर्व पर भक्तों की कुशलक्षेम पूछने के लिए दिवारा यात्रा पर निकली। डोली मंदिर परिसर से क्षेत्र भ्रमण के लिए निकली। जैसे ही डोली स्टेडियम पहुंची तो यहां रास्ते पर गेट बना होने के कारण डोली नाराज हो गई। डोली को मनाने के लिए लोग लगे रहे और इस दौरान हाईवे के दोनों ओर तीन से चार किलोमीटर तक जाम लग गया। घंटों केदारनाथ हाईवे पर रहने के बाद मुनि महाराज की डोली नाराज होकर वापस अपने मंदिर की ओर लौट गई। लगभग 15 वर्षों बाद अगस्त्यमुनि क्षेत्र के 365 गांवों के आराध्य देव मुनि महाराज की डोली मंदिर परिसर से क्षेत्र भ्रमण के लिए निकली। डोली के निकलते ही चारों ओर मुनि महाराज की जय के जयकारे गूंज उठे। इस अवसर पर नाली थाती गांव सहित क्षेत्र के विभिन्न गांवों से सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे। देव डोली जैसे ही अगस्त्य ऋषि सैण (क्षेत्र) की ओर बढ़ी तो अगस्त्य क्षेत्र के मुख्य द्वार के रास्ते पर गेट होने के कारण डोली इस मार्ग से प्रवेश नहीं कर सकी। इस कारण डोली और सैकड़ों श्रद्धालु यहीं रुके रहे। हाईवे पर अन्य लोग भी एकत्रित हो गए। मुनि महाराज मंदिर समिति के अध्यक्ष शक्ति सिंह बर्तवाल, अनिल बैंजवाल, त्रिभुवन चौहान समेत कई श्रद्धालुओं ने बताया कि मैदान में जहां गेट बना है वह आवाजाही का रास्ता है। गेट तोड़ने की बात प्रशासन से कही गई थी मगर प्रशासन की ओर से इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। इस दौरान डोली को मनाने के लिए लोग लगे रहे। इस कारण केदारनाथ हाईवे पर दोनों ओर तीन से चार किमी तक घंटों जाम लग गया। इससे नाराज होकर मुनि महाराज की डोली वापस अपने मंदिर की ओर लौट गई। वहीं मंदिर समिति ने मुनि महाराज की नाराजगी के बारे में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को चेताया।
घंटों लगा रहा जाम: मुनि महाराज की डोली घंटों केदारनाथ हाईवे पर रही और जाम लग गया। इस जाम में बरात की गाड़ियां सहित सैकड़ों यात्री फंसे रहे। इतना ही नहीं मरीज को ले जा रही एंबुलेंस भी जाम में फंसी रही। इस दौरान पुलिस ने वाहनों को तिलवाड़ा, सुमाड़ी, मूसाढुंग, टाट, कुमड़ी, गंगानगर वैकल्पिक मार्ग से रवाना किया।

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