चमोली। विकासखंड के 47 गांवों में रसोई गैस सिलिंडरों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ऐसे में लोग सिलिंडर लेने 15 किमी दूर थराली और 52 किमी दूर नारायणबगड़ के आमसोड़ जा रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि एक सिलिंडर के लिए एक दिन का समय और एक हजार से अधिक की धनराशि अतिरिक्त खर्च हो रही है। वहीं होटलों में बस दोपहर का ही खाना बन रहा है। एजेंसी संचालकों को क्षेत्र में जल्द रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति करनी चाहिए। विकासखंड मुख्यालय सहित वाण और लोहाजंग तक इंडेन गैस एजेंसी थराली और भारत गैस एजेंसी नारायणबगड़ से रसोई गैस की आपूर्ति होती है। उपभोक्ता इंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, हेमचंद्र ने बताया कि एजेंसी संचालक क्षेत्र में सिलिंडर के वाहन नहीं भेज रहे हैं। ऐसे में पांच सौ से एक हजार रुपये टैक्सी बुक कर सिलिंडर लेने गैस गोदाम जा रहे हैं। व्यावसायिक सिलिंडर नहीं मिलने से होटल व्यवसायी परेशान हैं। सिलिंडर नहीं होने से होटलों में एक टाइम का ही खाना बन रहा है। सुबह का नाश्ता बनना बंद हो गया है। भारत गैस एजेंसी के प्रबंधक संजय ने बताया कि गैस गोदाम में घरेलू सिलिंडर उपलब्ध हैं लेकिन व्यावसायिक सिलिंडर नहीं हैं। भीड़ होने से वाहन से आपूर्ति नहीं हो पा रही है। एक सप्ताह में घरेलू सिलिंडर भेजने का प्रयास किया जाएगा। वहीं इंडेन गैस एजेसी के प्रबंधक सुरेंद्र कुनियाल ने बताया कि डीएसी नंबर के आधार पर गोदाम से ही घरेलू सिलिंडर दे रहे हैं। व्यावसायिक सिलिंडर एक-दो दिन में मिलने की संभावना है।
गांधीनगर बहुगुणानगर को रोस्टर से हटाने पर नाराजगी: कर्णप्रयाग। नगर के गांधीनगर, प्रेमनगर, बहुगुणानगर को रसोई गैस वितरण में रोस्टर के अनुसार हटाने पर उपभोक्ताओं ने नाराजगी जताई। हरीश चौहान ने कहा कि वार्ड में राजनगर, शक्तिनगर आदि जगहों पर आपूर्ति के बाद गांधीनगर, बहुगुणानगर, प्रेमनगर आपूर्ति की जाती है लेकिन बीते दिनों राजनगर, शक्निगर आदि जगह गैस वितरित करने के बाद इन्हें छोड़ दिया गया। कुसुमलता, कुलदीप, रमेश चंद्र, योगेंद्र खंडूड़ी आदि उपभोक्ताओं ने जल्द यहां गैस वितरित करने की मांग की।