उत्तरकाशी(। तांबाखानी से कूड़ा डंपिंग जोन हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे गोपीनाथ रावत, उनके साथियों को प्रशासन और पुलिस ने जबरन उठाकर नगर कोतवाली ले गई। पुलिस ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए बुधवार शाम तक उन्हें कोतवाली में ही बैठाकर रखा। सीएम के जाने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। उसके बाद आंदोलनकारी एक बार फिर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। बुधवार को माघ मेले में सीएम के दौरे को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के अधिकारी कर्मचारी हनुमान चौक पर पहुंचे। वहां पर कूड़ा डंपिंग जोन हटाने की मांग को लेकर पिछले 27 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे गोपीनाथ रावत और उनके साथी राम सिंह और विनोद ब्रहमचारी को धरना समाप्त करने के लिए कहा लेकिन आंदोलनकारी नहीं माने और वहां पर मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उनके न मानने के बाद पुलिस ने बलपूर्वक आंदोलनकारी और उसके साथियों को वहां से गाड़ी में बिठाकर कोतवाली ले आई। पुलिस ने उन तीनों लोगों को सीएम के तय कार्यक्रम के तहत उन्हें शाम तक कोतवाली में ही बैठाकर रखा। उसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया। कोतवाली से जाने के बाद गोपीनाथ रावत अपने साथियों के साथ दोबारा धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री दो बार जनपद का हवाई दौरा कर चुके हैं लेकिन उन्हें नगर का कूड़ा नहीं दिख रहा है। एक ओर सनातनी परंपरा को बचाने की बात कर रहे हैं दूसरी ओर धार्मिक नगरी में कूड़े से गंगा सहित यहां का वातावरण प्रदूषित हो रहा है। शहरी विकास विभाग मुख्यमंत्री के पास ही है लेकिन उसके बाद भी नगर के कूड़े के निस्तारण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।