विकासनगर। पछुवादून की एकमात्र अनाज, सब्जी और फल मंडी में अब काश्तकारों को सुविधाएं विकसित होने की उम्मीज जगी है। मंडी प्रशासन ने परिसर में कैंटीन खोलने के साथ ही साफ सफाई की व्यवस्था बनाने और शौचालय के रखरखाव, संचालन की व्यवस्था दुरुस्त करने की कवायद शुरू की है। इसके लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कृषि उत्पादन मंडी परिसर में रोजाना 800 से एक हजार काश्तकार और व्यापारी मंडी में आते हैं। बाहरी राज्यों से रोजाना 100 ट्रक सब्जी व फल की आवक मंडी में होती है। लेकिन यहां सुविधाओं के नाम पर टोटा है। सब्जी मंडी की स्थिति ज्यादा खराब है। यहां पर कच्चे माल की आवक होती है। आढ़ती परिसर में ही खराब सब्जियों को डाल देते हैं, जिससे यहां सब्जियां सड़ती रहती हैं। गंदगी की भरमार रहती है। सब्जी मंडी में बदबू फैली रहती है। नालियां व नाले टूटे पड़े हैं। व्यापारियों ने नालों को ही कूड़ेदान बना दिया है। जबकि मंडी परिसर में सफाई की कोई व्यवस्था ही नहीं है। इसके साथ ही विकासनगर मंडी में डेढ़ सौ से दो सौ किलोमीटर दूरी का सफर तय कर किसान अपनी फसल बेचने आते हैं। लेकिन मंडी प्रशासन द्वारा उनके लिए सरकार द्वारा दी जाने वाली खाने की सुविधा पर ध्यान नहीं है। परिसर के अंदर कैंटीन की सुविधा तक किसानों को मुहैया नहीं होती है, जिससे उन्हें अधिक दाम चुकाकर खाने का बंदोबस्त करना पड़ता है। काश्तकारों की समस्या को देखते हुए मंडी प्रशासन ने अब सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने और परिसर में कैंटीन संचालित करने के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। मंडी परिषद के प्रशासक एवं एसडीएम विनोद कुमार ने बताया कि मंडी परिसर में सभी व्यवस्थाओं को जल्द दुरुस्त कर दिया जाएगा।