नईदिल्ली , संसद का शीतकालीन सत्र कल यानी 1 दिसंबर से शुरू हो रहा है। उससे पहले आज सदन में सर्वदलीय बैठक हुई। करीब 2 घंटे तक चली इस बैठक में तमाम राजनीतिक पार्टियों ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार सभी की बात सुनने को तैयार है, लेकिन संसद में चर्चा करने का एक तरीका होता है। उन्होंने सभी पार्टियों से सहयोग और भागीदारी की अपील की।
रिजिजू ने सर्वदलीय बैठक को लेकर कहा, हम आशा करते हैं कि सभी लोग शांत मन से काम करेंगे, गरमागरम बहस से बचेंगे। अगर हम शांत मन से काम करेंगे, तो संसद सुचारू रूप से चलेगा। कुछ नेताओं ने कहा कि वे एसआईआर पर हंगामा कर सकते हैं। मैं कह रहा हूं कि हम विपक्ष की बात सुनने को तैयार हैं। संसद सबकी है, देश की है। हर मुद्दे पर चर्चा करने का एक तरीका, नियम, परंपराएं होती हैं।
संसद का शीतकालीन सत्र 1 से 19 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान 15 बैठकें होंगी और सरकार 14 विधेयक पेश कर सकती है। वहीं, स्ढ्ढक्र, कथित वोट चोरी, अमेरिकी टैरिफ और नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया और राहुल गांधी पर नई एफआईआर के मामले पर हंगामे के आसार हैं। सत्र की कम अवधि को लेकर विपक्ष ने अभी से ही सरकार पर सवाल उठाना शुरू कर दिए हैं। इससे पहले 21 जुलाई से 21 अगस्त तक मानसून सत्र चला था।