हरिद्वार(। कुंभ मेलाधिकारी सोनिका ने कहा कि कुंभ मेला 2027 से जुड़े सभी स्थायी प्रकृति के कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी जांच कराई जाएगी। इनमें आईआईटी रुड़की और अन्य मान्यता प्राप्त एजेंसियां शामिल होंगी। यह बात उन्होंने प्रेस क्लब में आयोजित संवाद कार्यक्रम में कही। सोनिका ने बताया कि कुंभ मेला से संबंधित विभिन्न विकास कार्य लगभग 1224 करोड़ रुपये की लागत से होंगे। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाएं तय समय सीमा में पूरी कर ली जाएंगी। मेला क्षेत्र के सभी 32 सेक्टरों को व्यवस्थित और आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने के लिए योजना तैयार कर ली गई है। उन्होंने बताया कि कुंभ 2027 की तैयारियों के तहत करीब 220 करोड़ रुपये की लागत से सीवर लाइन, सड़क निर्माण, पुलों के निर्माण और नए घाटों के विकास के कार्य प्रारंभ कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त बहुउद्देश्यीय सीसीआर-2 परियोजना को शासन से स्वीकृति मिलते ही उसका निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा। पत्रकारों के सवालों पर सोनिका ने कहा कि रिकॉर्ड समय में इतने व्यापक कार्यों को पूरा करना चुनौती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मेला अधिष्ठान में लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग के अलग-अलग खंड स्थापित हैं। इनमें समन्वय बेहतर हुआ है। कार्यों की गति तेज हुई है। उन्होंने कहा कि विभागीय तालमेल से चुनौतियों का समाधान किया जाएगा। हरकी पौड़ी से सटे कांगड़ा घाट विस्तार योजना के संबंध में उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण के लिए शासन को पत्रावली भेजी जा चुकी है। शासन स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि घाटों के विस्तार और सौंदर्यीकरण से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। सोनिका ने कहा कि कुंभ मेला की व्यवस्थाएं सभी अखाड़ों और साधु-संतों से परामर्श के बाद तय की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है कि कुंभ 2027 न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि व्यवस्थाओं और विकास कार्यों के मानकों पर भी आदर्श आयोजन साबित हो।