नई दिल्ली , मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे भीषण युद्ध के बीच एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। भारत स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर चिकित्सा मदद भेजने के लिए भारत का आभार जताया, लेकिन कुछ ही घंटों के भीतर अचानक उस पोस्ट को डिलीट भी कर दिया। इस रहस्यमयी घटनाक्रम ने कूटनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर तब जब भारत सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर ईरान को कोई मदद नहीं भेजी जा रही है।
सरकार नहीं, ‘भारत के लोगों को दिया था धन्यवाद
सूत्रों के हवाले से यह साफ किया गया है कि वर्तमान में भारत सरकार की तरफ से युद्धग्रस्त ईरान को किसी भी प्रकार की आधिकारिक चिकित्सा या राहत सामग्री नहीं भेजी गई है। दिलचस्प बात यह है कि ईरानी दूतावास ने भी अपनी हटाई गई पोस्ट में कहीं भी भारत सरकार का जिक्र नहीं किया था। दूतावास ने अपने पोस्ट में स्पष्ट लिखा था कि भारत के सम्मानित लोगों की तरफ से भेजी गई चिकित्सा सहायता की पहली खेप बुधवार को ईरान पहुंच गई है। पोस्ट डिलीट होने के बाद अब इस बात को लेकर सस्पेंस बन गया है कि आखिर यह मदद किसने भेजी थी और दूतावास को अपना आभार संदेश अचानक क्यों हटाना पड़ा।
रेड क्रिसेंट सोसाइटी को सौंपी गई थी मेडिकल किट
भारत स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्सÓ (ङ्ग) पर किए गए इस पोस्ट में बाकायदा यह जानकारी भी दी थी कि भारत से मिली यह चिकित्सा सहायता ईरानी ‘रेड क्रिसेंट सोसाइटीÓ को सौंप दी गई है। इस पोस्ट के जरिए दूतावास ने संकट की इस मुश्किल घड़ी में साथ देने के लिए भारत के लोगों के प्रति गहरी कृतज्ञता और आभार व्यक्त किया था। हालांकि, पोस्ट के अचानक गायब हो जाने से सोशल मीडिया पर कई तरह की अटकलें तेज हो गई हैं और हर कोई इस ‘डिलीटेड पोस्टÓ के पीछे की असली कूटनीतिक कहानी समझना चाह रहा है।
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