नई दिल्ली , सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आंध्र प्रदेश के कथित 3500 करोड़ रुपये के शराब घोटाले के तीन आरोपियों को अंतरिम राहत दे दी. इनको हाई कोर्ट ने सरेंडर करने के लिए कहा था.यह मामला चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच के सामने आया.
हालांकि, बेंच ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले में दखल देने से मना कर दिया, जिसने आरोपी को दी गई डिफ़ॉल्ट बेल (वैधानिक जमानत) रद कर दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी से रेगुलर बेल के लिए ट्रायल कोर्ट जाने के लिए कहा.
पिछले साल 19 नवंबर को हाई कोर्ट ने डिफ़ॉल्ट बेल रद कर दी थी और उन्हें 26 नवंबर को ट्रायल कोर्ट के सामने सरेंडर करने और रेगुलर बेल के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया था.
इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने बालाजी गोविंदप्पा, पेल्लकुरु कृष्ण मोहन रेड्डी और के. धनंजय रेड्डी की याचिकाओं पर आंध्र प्रदेश और अन्य को नोटिस जारी किया था और अगले आदेश तक उन्हें सरेंडर करने से रोक दिया था. धनंजय रेड्डी एक रिटायर्ड आईएएस ऑफिसर हैं और मुख्य मंत्री कार्यालय में सचिव थे. कृष्ण मोहन रेड्डी उस समय के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के ओएसडी थे और बालाजी गोविंदप्पा भारती सीमेंट्स के डायरेक्टर थे.
अभियोग पक्ष ने राजनीति-बिजनेस सांठगांठ का आरोप लगाया, जिसमें 2019 और 2024 (पिछली वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान) के बीच शराब की खरीद में हेराफेरी, लोकप्रिय ब्रांड्स को दबाना, नए लेबल्स को खास ऑर्डर देना और व्यवस्थित तरीके से रिश्वत लेना शामिल है.