जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग पर सोमवार को वन विभाग ने व्यवसायिक वाहनों की आवाजाही बंद कर दी। इससे आक्रोशित लोगों ने चिल्लरखाल वन चौकी के समीप प्रदर्शन किया। कहा कि एक ओर जहां वह मार्ग को एलिवेटेड बनाने के लिए धरना दे रहे हैं। वहीं, वन विभाग ने अब मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है। हालांकि मार्ग पर पूर्व की तरह जीएमओयू की बसों का संचालन होता रहा।
मालूम हो कि, मार्ग निर्माण के लिए क्षेत्रीय लोग पिछले कई माह से चिल्लरखाल वन चौकी के समीप धरना दे रहे हैं। जिसके बाद 12 फरवरी को न्यायालय ने मार्ग निर्माण को मंजूरी दी। लेकिन, इसके बाद से लोग वन चौकी में धरना देते हुए मार्ग को एलिवेटेड बनाने की मांग उठा रहे हैं। सोमवार को वन विभाग की तरफ से इस मार्ग पर व्यवसायिक वाहनों को रोकने का कार्य शुरू कर दिया गया। जैसे ही आंदोलनकारियों को इसका पता चला, आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों का कहना था कि एक ओर वह मार्ग को एलिवेटेड बनवाने की मांग उठा रहे हैं। वहीं, मार्ग पर व्यवसायिक वाहनों की आवाजाही भी बंद की जा रही है। इससे सबसे अधिक परेशानी भाबर व लालढांग के बीच आवागमन करने वाले व्यवसायिक वाहनों को होगी। हालांकि, वन विभाग ने जीएमओयू के वाहनों पर किसी भी तरह की आपत्ति नहीं जताई। इस मौके पर प्रवीण थापा, सुभाष त्यागी, मधुसूदन नेगी, गोवर्धन काला, मोहन सिंह, पीतांबर कप्तियाल, देवीदत्त, रवींद्र सौंद, मदन नेगी, देवेंद्र रावत, प्रेमा बजेठा सहित अन्य मौजूद रहे।