बेदखली नोटिस मिलने से गुस्सा

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रुद्रप्रयाग। वन विभाग द्वारा चोपता-दुगलबिट्ठा क्षेत्र में व्यवसाय कर रहे हक-हकूकधारियों को बेदखली का नोटिस भेजे जाने का स्थानीय लोगों ने विरोध दर्ज करते हुए जमकर नारेबाजी की। स्थानीय लोगों का कहना है कि वन कानूनों का हवाला देकर उनका पुस्तैनी हक और रोजगार छीना जा रहा है। शासन-प्रशासन और वन विभाग ने अनावश्यक दबाव बनाया तो वह जनांदोलन शुरू कर देंगे। वहीं उत्तराखंड क्रांति दल ने स्थानीय हक-हकूकधारियो की मांगों का समर्थन किया है।
चोपता में वन पंचायत संघर्ष समिति और व्यापार नगर इकाई चोपता के अध्यक्ष भूपेंद्र मैठाणी ने की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में उन्होंने कहा कि जब चोपता को सैंचुरी जोन में रखा गया, उस समय इस तरह के नोटिस नहीं दिए गए। अब हकूकधारियो को नोटिस देकर उन्हें उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। इसी तरह वन पंचायत की जमीन पर व्यवसाय कर रहे स्थानीय लोगों को हटाने के नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी पीढ़ियां आद्गिुरु शंकराचार्य के समय से यहां रह रही है। वन अधिनियम में भी परंपरागत हक-हकूक को लेकर स्पष्ट लिखा गया है। इसके बावजूद हमारे खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। यूकेडी के केंद्रीय मीडिया प्रभारी मोहित डिमरी ने कहा कि स्थानीय हकहकूकधारियो का उत्पीड़न बंद न हुआ तो क्षेत्रीय दल यूकेडी प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू कर देगी। इस मौके पर वन पंचायत संघर्ष समिति और व्यापार मंडल के अध्यक्ष भूपेंद्र मैठाणी,यूकेडी के जिला अध्यक्ष बुद्घिबल्लभ मैठाणी, विनोद नेगी, सतीश मैठाणी, जगदीश, विशन सिंह पुंडीर, आनन्द नेगी, योगेंद्र भंडारी, कुंवर सिंह राणा आदि मौजूद थे।

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