श्रीनगर गढ़वाल : पिछले वर्ष सितंबर माह में श्रीकोट व श्रीनगर के बीच रेलवे सुरंग के पास टीचर्स कॉलोनी के आवासीय भवनों को भू-धंसाव से हुए नुकसान का मुआवजा न मिलने पर प्रभावित परिवारों और व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज लोगों ने मंगलवार सुबह श्रीकोट व श्रीनगर जीआईटीआई मैदान में चल रहे रेलवे निर्माण कार्य बंद करा दिया और कार्यालयों में तालाबंदी कर दी। उन्होंने कहा कि जब तक प्रभावितों को मुआवजा नहीं मिलता तब तक काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
मंगलवार सुबह आठ बजे जिला व्यापार सभा अध्यक्ष वासुदेव कंडारी, नीरज नैथानी समेत प्रभावित परिवार और व्यापार सभा श्रीनगर, श्रीकोट, डांग व बिलकेदार के पदाधिकारी श्रीकोट के समीप रेलवे सुरंग के पास पहुंचे। जैसे ही मजदूर काम करने के लिए अंदर प्रवेश करने लगे तो प्रभावितों ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद आक्रोशित लोग जीआईटीआई मैदान स्थित रेलवे लाइन निर्माण कार्य स्थल पर पहुंचे और यहां कार्यालयों में तालाबंदी कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे सुरंग निर्माण में उपयोग किए गए विस्फोटकों के कारण उनके घरों और आसपास के भवनों में दरारें आईं और कई संपत्तियों को नुकसान पहुंचा, लेकिन अब तक उन्हें कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रशासन की ओर से रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है और जनप्रतिनिधियों, सांसद व मंत्री स्तर से भी निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद रेलवे विकास निगम प्रभावितों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है। प्रभावितों ने कहा कि जब तक मुआवजा नहीं मिल जाता काम काम नहीं होने दिया जाएगा। श्रीकोट के समीप रेलवे सुरंग के कंस्ट्रक्शन मैनेजर शैलेंद्र बिष्ट ने कहा कि इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। वहीं आरवीएनएल के प्रोजेक्ट मैनेजर पीयूष पंत ने कहा कि निर्माण कार्य बंद कराने आए लोगों की मांगों को सुना गया है। समाधान के लिए बात चल रही है। दिनभर यहां पर रेलवे कार्य बंद रहा। इस मौके पर व्यापार सभा अध्यक्ष दिनेश असवाल, डांग के अध्यक्ष सौरभ पांडे, श्रीकोट अध्यक्ष नरेश नौटियाल, त्रिभुवन राणा, बिलकेदार अध्यक्ष विपेंद्र बिष्ट, जितेंद्र धिरवाण, कुशलानाथ, आनंद भंडारी, यशीष रावत, दिनेश पंवार और दीपक चौधरी आदि मौजूद रहे। (एजेंसी)