आक्रोशित ग्रामीणों ने पांच घंटे तक रोके डंपर

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चमोली : रेलवे लाइन निर्माण कार्य से उड़ती धूल और प्रेशर हॉर्न के शोर से गुस्साए कालेश्वर के ग्रामीणों ने आक्रोश जताया। उन्होंने मलबे के निस्तारण में लगे डंपरों को साढ़े पांच घंटे तक रोके रखा और कार्यदायी कंपनियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कंपनी के प्रोजेक्टर मैनेजर मौके पर पहुंचे और मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और डंपरों का संचालन दोबारा शुरू हो सका। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे निर्माण कार्य के मलबे को डंपर के जरिये लंगासू के पास डंप किया जा रहा है। वहीं डंपरों के संचालन से कालेश्वर की सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई है। साथ ही इनसे उड़ने वाले धूल से लोगों को सांस संबंधी दिक्कतें भी हो रही हैं। ऐसे में बुधवार को एसटी मोर्चा के जिलाध्यक्ष मनोज रावत के नेतृत्व में कालेश्वर के ग्रामीणों ने सुबह 9 बजे रेलवे कंपनी के कार्यों में लगे सभी डंपरों को रेलवे पुल के पास रोक दिया। मनोज रावत और ग्राम प्रधान पूजा देवी ने कहा कि डंपर चालक रात में तेज रफ्तार के साथ प्रेशर हार्न के साथ तेज रफ्तार में दौड़ रहे हैं। रेलवे निर्माण में लगी कंपनी की ओर से नाली निर्माण भी अधूरा छोड़ा गया है। आंदोलन को देखते हुए दोपहर करीब 2 बजे राही और मैक्स कंपनी के प्रोजेक्टर मैनेजर मौके पर पहुंचे। उन्होंने चार अप्रैल को स्वास्थ्य शिविर का आयोजन करने, सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव करने, आधे अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने, वाहनों के आवागमन के लिए सीमा तय करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और ढाई बजे डंपरों को जाने दिया। इस मौके पर गोमती देवी, जयंती, रुचि, कमला देवी, रैबा रावत, रुपा, आशा, बबीता, करिशमा, गोमती देवी आदि मौजूद रहे। सौम्या अदक, प्रोजेक्ट मैनेजर राही कंपनी ने बताया कि ग्रामीणों के साथ कई मांगों पर सहमति बनी है। सड़क पर पानी के छिड़काव में तेजी लाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। साथ ही वाहनों के चलने की समय सीमा तय करने के लिए उच्चाधिकारियों से वार्ता की जाएगी। (एजेंसी)

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