श्रीनगर गढ़वाल : गढ़वाल विवि के चौरास परिसर स्थित स्वामी मन्मंथन सभागार में मंगलवार को एंटी-रैगिंग दिवस पर एंटी-रैगिंग सप्ताह का शुभारंभ किया गया। इस दौरान सभी छात्र-छात्राओं से सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के उच्च शैक्षणिक संस्थानों में रैगिंग की समस्या को रोकने के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने की अपील की गई। गढ़वाल विवि के एंटी-रैगिंग समिति के अध्यक्ष एवं मुख्य नियन्ता प्रो. एससी सती ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार, रैगिंग भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के अंतर्गत एक दंडनीय अपराध है। आईपीसी के तहत किसी छात्र, विशेष रूप से नवप्रवेशी के प्रति शारीरिक या मानसिक उत्पीड़न, परेशान करना, अपमानित करना, चिढ़ाना या ऐसा अव्यवस्थित व्यवहार शामिल है जो शर्मिंदगी, भय या हानि उत्पन्न करे यह सब रैगिंग के अंतर्गत आता है। कहा कि यदि किसी भी छात्र के साथ रैगिंग होती है तो इसकी सूचना एंटी रैगिंग सेल, नियन्ता कार्यालय, छात्रावास वार्डन, प्राध्यापक या हेल्पलाइन को दें। सभी शिकायतें गोपनीय रखी जाएंगी और त्वरित कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम में डीएसडब्ल्यू प्रो. ओपी गुसांई, प्रो. अतुल ध्यानी, प्रो. आरसी डंगवाल, प्रो. एमएम सेमवाल, प्रो. वाईपी रैवानी, प्रो. एमएस पंवार, प्रो. डीएस नेगी, डॉ. सुरेन्द्र कुमार, डॉ. देवेंद्र सिंह आदि मौजूद थे। (एजेंसी)