काशीपुर(। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मनोज गर्ब्याल की अदालत ने किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले में दो आरोपियों की अग्रिम जमानत खारिज कर दी है। आईटीआई कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पैगा निवासी किसान सुखवंत सिंह पुत्र तेजा सिंह ने बीते 10-11 जनवरी की देर रात जमीन खरीद-फरोख्त में लगभग चार करोड़ की धोखाधड़ी से परेशान होकर काठगोदाम स्थित एक होटल में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटनाक्रम में मृतक सुखवंत सिंह के भाई परविंदर सिंह ने 12 जनवरी को मुख्य आरोपी अमरजीत सिंह समेत 26 लोगों के खिलाफ आईटीआई कोतवाली में नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें 18 लोगों ने पूर्व में हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे ले लिया था। इस घटनाक्रम में सुखवंत सिंह पन्नू व वीर पाल सिंह पन्नू निवासी ग्राम भरतपुर थाना कुंडा को भी नामजद किया गया था। सुखवंत सिंह पन्नू व पाल सिंह पन्नू ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में अग्रिम जमानत का प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें कहा कि उन लोगों ने कोई अपराध नहीं किया है और न ही उनके खिलाफ कोई दस्तावेज साक्ष्य भी उपलब्ध नहीं हैं। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता ने तर्क दिया, कि अभियुक्त व सहअभियुक्त ने वादी परविंदर सिंह व उसके भाई से दो-दो बार धोखाधड़ी करते हुए 3 करोड़ 82 लाख रुपये की धनराशि हड़प ली थी। इससे परेशान होकर सुखवंत सिंह ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। ऐसे में अग्रिम जमानत का प्रार्थना पत्र स्वीकार योग नहीं है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने शासकीय अधिवक्ता के तर्कों से संतुष्ट होकर दोनों आरोपियों की अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया।