उत्तरकाशी। पीएमजीएसवाई के तहत जरड़ा नरयूंका मोटर मार्ग का डामरीकरण एवं सुधारीकरण होने से एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों की आवाजाही सुगम होगी। धारी कफनौल क्षेत्र के निवासियों का ब्लॉक मुख्यालय तक का सफर लगभग 12 किमी कम हो जाएगा। जरड़ा–नरयूंका मोटर मार्ग के डामरीकरण और सुधार कार्य के लिए भेजी गई डीपीआर को स्वीकृति मिलने के बाद विभाग ने निविदाएं आमंत्रित कर ली हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी ने परियोजना के लिए 25 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है जिससे सड़क का सुदृढ़ीकरण और डामरीकरण किया जाएगा। इस कार्य से जरड़ा, छुड़ी, तेड़ा, तियां, बजलाड़ी, नरयूंका, पालुका, खाबला, धारी और कलोगी सहित एक दर्जन से अधिक गांवों को लाभ मिलेगा। धारी कफनौल क्षेत्र के लोगों को अब ब्लॉक मुख्यालय पहुंचने के लिए पहले की तुलना में 12 किमी कम दूरी तय करनी पड़ेगी। अभी तक लोगों को कुंवा–कफनौल मोटर मार्ग से होकर लगभग 40 किमी की दूरी तय करनी पड़ती थी। वर्ष 2010 में बने मोटर मार्ग का लोक निर्माण विभाग डेढ़ दशक बाद भी डामरीकरण नहीं कर पाया जिससे ग्रामीणों को जोखिमभरी आवाजाही करनी पड़ रही थी। वर्षा ऋतु में मार्ग से जुड़े गांवों के काश्तकारों को नकदी फसलों को मंडी तक पहुंचाने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अब पीएमजीएसवाई पुरोला को हस्तांतरण के बाद सड़क के डामरीकरण और सुधारीकरण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। विभाग के ईई योगेंद्र कुमार ने बताया कि जरड़ा नरयूंका मोटर मार्ग के डामरीकरण के लिए 24 करोड़ पिचहत्तर लाख की धनराशि स्वीकृत हुई है, जिसके लिए निविदा आमंत्रित की गई है।