रुद्रपुर। विधायक शिव अरोरा ने कहा है कि सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद उन्होंने प्रदेश सरकार की पिछले वर्ष लाई गई नजूल नीति को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक में साफ हो गया कि सरकार जिस मंशा से गरीब वर्ग को निरूशुल्क मालिकाना हक देने के लिए नजूल पलिसी लाई थी, वह मंशा पूरी नहीं हो पायी है। उन्होंने कहा कि नई पलिसी में मात्र चार आवेदन हुए और इसमें से एक आवेदनकर्ता ही इसका लाभ ले पाया है। वहीं पिछली दिसम्बर में आयी यह नजूल पलिसी 10 दिसंबर 2022 को अपनी वैधता पूरी कर चुकी है। उन्होंने कहा कि नई पलिसी में 50 वर्ग मीटर से कम नजूल भूमि पर काबिज लोगों को निरूशुल्क मालिकाना हक दिलाने को लेकर पात्रता की शर्त को लेकर पेंच दूर करने को वह शासन और सरकार को अवगत कराएंगे।
शुक्रवार को रुद्रपुर में पत्रकार वार्ता करते हुए विधायक ने कहा कि मार्च 2009 में आई पुरानी पलिसी में 2559 परिवारों ने आवेदन किए थे। आवेदनकर्ताओं ने सर्किल रेट के 25 प्रतिशत की धनराशि जमा की थी। इसमें से 1256 परिवार ही लाभ ले पाए और इनको मालिकाना हक मिला। विधायक ने कहा कि 50 वर्ग मीटर तक निवासरत गरीब परिवारों को फ्री मालिकाना हक मिलना था, लेकिन वह इससे वंचित रहे। नई पलिसी इतनी जटिल थी कि गरीब जनता के लिए उसके मानक पूरे करना बेहद कठिन रहा। कहा कि उन्होंने इस महत्वपूर्ण विषय पर मुख्यमंत्री धामी के निर्देशन पर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता की। समीक्षा बैठक में एडीएम नजूल जय भारत सिंह, एसडीएम प्रत्युष सिंह आदि मौजूद रहे। उन्होंने पुरानी पलिसी में आए आवेदन और नई नीति में आए आवेदन का ब्यौरा दिया।
तत्कालीन जनप्रतिनिधि ने नहीं दिया था कोई सुझाव
विधायक अरोरा ने कहा कि नजूल नीति को बनाते समय उस समय के जनप्रतिनिधि ने ऐसा कोई सुझाव या योजना से सरकार को अवगत नहीं कराया, जिससे 50 वर्ग मीटर से कम नजूल पर काबिज निर्धन वर्ग के लोगों को निरूशुल्क मालिकाना हक मिल सके। इससे नजूल नीति का लाभ गरीब लोगों को नहीं मिल पाया। अब इस नीति में संशोधन करवाते हुए जनता से सुझाव लेकर और प्रशासनिक अधिकारियों से समन्वय करते हुए देहरादून में शासन में वार्ता करेंगे। नए सुझावों ओर संशोधन के साथ पलिसी को लाया जाएगा, जो गरीब जनता के हित में होगी।
काशीपुर बाइपास चौड़ीकरण का प्रस्ताव पुनर्जीवित कराएंगे
विधायक अरोरा ने कहा कि हाल ही में विधानसभा सत्र के दौरान काशीपुर बाइपास चौड़ीकरण का विषय उठाया गया। इसको लेकर पूर्व में प्रस्तावित प्रस्ताव को पुनर्जीवित करने के लिए लोक निर्माण विभाग मंत्री सतपाल महाराज और सचिव से मिले। पूर्व के प्रस्ताव को ही जीवित करने का प्रयास है, लेकिन पूर्व के जनप्रतिनिधि के बाइपास चौड़ीकरण के प्रस्ताव को निरस्त करने के लिए लिखित चिट्ठी देना आश्चर्यजनक है। इस दौरान जिला महामंत्री अमित नारंग, मडंल अध्यक्ष सुशील यादव, हरीश भट्ट, सुरेश कोली, गजेंद्र प्रजापति, राधेश शर्मा, धीरेश गुप्ता, ललित बिष्ट, मयंक कक्कड़, विजय डे, आदेश भारद्वाज व अन्य लोग मौजूद रहे।