जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : उचित मानदेय नहीं मिलने सहित विभिन्न मांगों को लेकर उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कहा कि कार्यकत्रियों को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। ऐसे में सरकार को जल्द से जल्द उनकी समस्याओं के निराकरण पर ध्यान देना चाहिए।
गुरुवार को उत्तराखंड स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन के बैनर तले आशा कार्यकत्री तहसील परिसर में पहुंची। जहां उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही तहसीलदार के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। कहा कि आशा कार्यकत्री पूरी ईमानदारी के साथ अपने कार्यों का निर्वहन कर रही है। बावजूद उनकी अनदेखी की जा रही है। मानदेय के नाम पर उन्हें नाममात्र का मानदेय दिया जा रहा है, जिससे उनके परिवार का भरण पोषण भी सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। उन्होंने 29 प्रभावशाली श्रम कानूनों के बदले चार नए श्रम कानूनों को लागू किए जाने का घोर विरोध किया। कहा कि वे श्रमिक कानूनों को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगें। उन्होंने प्रदेश सरकार से आंगनबाड़ी कार्यत्रियों का न्यूनतम मानदेय 26 हजार रूपए मासिक किए जाने, भविष्य निधि एवं ईएसआई की सुविधा प्रदान करने की मांग की है, इसके अलावा सेवानिवृत्त होने पर पेंशन की सुविधा का लाभ व 46वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू करवाए जाने की मांग की है। इस मौके पर मीरा नेगी, रंजना कोटनाला, ज्योति रावत, भागीरथी भंडारी, मंजू नेगी, ललिता देवी, बीना देवी, इंदू देवी, गीता देवी, संगीता कुलाश्री, सरोज जदली, मीनाक्षी, राखी रावत मौजूद रहे।