देवभूमि युवा संगठन की ओर से आयोजित किया गया कार्यक्रम
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : देवभूमि युवा संगठन की ओर से आयोजित फ्योंली बसंत महोत्सव में लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी की आवाज का जादू देखने को मिला। नेगी व साथी कलाकारों के गीतों ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। देर रात तक लोग नेगी के गीतों का आनंद लेते रहे।
संगठन की ओर से मलवीय उद्यान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इससे पूर्व विभिन्न विद्यालय के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दे। शाम के समय लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी ने मंच संभाला। सबसे पहले उन्होंने मां दुर्गा की स्तुति की। उन्होंने ‘कन प्यारा लगता गौं घर, कन प्यारू कुमों-गढ़वाल…’ की प्रस्तुति दी। उनके गीत ‘फ्योंली बोलूं कि बुरांश बोलूं…’ और ‘मै कू इस चुमटि बस…’ पर श्रोता मंत्रमुग्ध हो नाचने लगी। ‘नमो नारैण बाबा, नमो नारैण…’, ‘मालू-ग्वीरालू का बीच…’, ‘गीत लाणा तांदी बल…’, ‘त्रिजुगी नारेण..’ गीतों पर कलाकारों ने भव्य नृत्य प्रस्तुतियां दी। लोकगायक अनिल बिष्ट के गीत ‘पाबौ बजारा..’ गीत पर श्रोता जमकर नाचे। कार्यक्रम में प्रतीक्षा बमराड़ा ने ‘ऐगे चौदिसू मोल्यार, तू भी ऐजा-ऐजा…’ और अंजलि खरे ने ‘मुल-मुल कैकूं हैंसणी छै तू…’ गीतों की प्रस्तुति दी। लोकगायिका श्वेता नेगी ने ‘हयूंद का दिन, फिर बौडि ऐगिना..’ और लोक गायक मनीष लखेड़ा ने ‘सिद्धबली का धाम…’, ‘ओ भाना रंगीली भाना…’ गीतो की प्रस्तुतियां दी। मंच संचालन योगंबर पोली ने किया, जबकि संगीत पक्ष में विनोद चौहान, सुभाष पांडे, सुमित गुसाई, महेंद चंद्र व आशीष नेगी नजर आए। इस मौके पर उत्तराखंड बेरोजगार संगठन के अध्यक्ष राम कंडवाल, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रमेश भंडारी, जय देव भूमि फाउंडेशन के अध्यक्ष शिवानंद लखेड़ा, देवभूमि युवा संगठन के अध्यक्ष आशीष नौटियाल सहित भारी तादाद में जनसमूह मौजूद रहा।