आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन है डिजिटल हेल्थ क्रांति का आधार: उनियाल

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– प्रदेशवासियों से आभा आईडी बनाने का किया आह्वान
देहरादून। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन उत्तराखंड द्वारा आयोजित एबीडीएम- उत्तराखंड कार्यशाला में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री सुबोध उनियाल बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित हुए और कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा “नए भारत की नई उड़ान” के तहत शुरू किया गया आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन आज देश में डिजिटल हेल्थ क्रांति का आधार बन चुका है। यह मिशन स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि देशभर में एबीडीएम के अंतर्गत अब तक 50 करोड़ से अधिक आभा आईडी बनाई जा चुकी हैं तथा लाखों स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़े जा चुके हैं। कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे राज्य इस मिशन के सफल क्रियान्वयन में अग्रणी हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में भी इस दिशा में तेजी से प्रगति हो रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) एवं एबीडीएम डैशबोर्ड के अनुसार राज्य में लाखों नागरिकों की आभा आईडी बनाई जा चुकी है तथा बड़ी संख्या में सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थान डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़े जा चुके हैं। विशेष रूप से पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन सेवाओं के माध्यम से मरीजों को घर बैठे विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श मिल रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से जुड़कर अपनी आभा आईडी अवश्य बनाएं और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को अपनाएं। इसके माध्यम से नागरिक अपनी स्वास्थ्य जानकारी को सुरक्षित रूप से संग्रहीत कर सकते हैं, ऑनलाइन परामर्श प्राप्त कर सकते हैं तथा देशभर के अस्पतालों और चिकित्सकों से कहीं भी, कभी भी जुड़ सकते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह पहल उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हो रही है, जहाँ अब दूरी और संसाधनों की सीमाएं स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा नहीं बनेंगी। डिजिटल माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यापक पहुँच सुनिश्चित करते हुए यह मिशन एक सशक्त, समावेशी एवं आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो “विकसित भारत” के संकल्प को नई गति प्रदान करता है।

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