बलिदान दिवस पर बाबा मोहन उत्तराखंडी को किया याद

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श्रीनगर गढ़वाल : कीर्तिनगर ब्लॉक के सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं युवाओं ने शुक्रवार को बाबा मोहन उत्तराखंडी के 20वें बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मूल निवास भू कानून समिति के गढ़वाल संयोजक अरुण नेगी एवं कीर्तिनगर क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रमोहन चौहान ने कहा कि उत्तराखंड की स्थाई राजधानी गैरसैंण को बनाए जाने के अडिग संकल्प को लेकर बाबा मोहन उत्तराखंडी ने 38 दिनों के भीषण आमरण अनशन के बाद अपने प्राणों का बलिदान दिया था। कहा कि 2 जुलाई 2004 को चमोली जनपद के बेनीताल में अपना अनशन शुरू करने वाले बाबा मोहन उत्तराखंडी की मांग को तत्कालीन नारायण दत्त तिवारी सरकार ने नजरअंदाज किया, जिस कारण लगातार 38 दिन के अमरण अनशन के बाद 9 अगस्त 2004 को बाबा मोहन उत्तराखंडी ने राज्य के लिए अपना बलिदान दिया। लेकिन आज तक भी राज्य को अपनी स्थाई राजधानी नहीं मिल पाई है। वक्ताओं ने कहा कि बाबा मोहन उत्तराखंडी के बलिदान के इतिहास को स्कूली शिक्षा में शामिल करना चाहिए। इस मौके पर जसवीर नेगी, संजय भट्ट, दीपक, अनिल तिवारी, कुलबीर, राहुल अन्य स्थानीय लोग मौजूद रहे। (एजेंसी)

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