भुलाया नहीं जा सकता बड़ोनी का योगदान

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : उत्तराखंड राज्य निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले इंद्रमणि बड़ोनी के जन्मदिन पर उत्तराखंड क्रांति दल ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
संगोष्ठी का शुभारंभ स्वस्तिवाचन से किया गया। इस दौरान संगोष्ठी में इंद्रमणि बडोनी का शताब्दी वर्ष (2024 -25) को मनाने का निर्णय लिया गया। वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी और यूकेडी के नेता डॉ. शक्तिशैल कपरवाण ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन में इंद्रमणि बडोनी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कहा कि इंद्रमणि बडोनी ने उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन को भारत के नहीं विश्व के मानचित्र पर स्थापित किया, जिसके कारण उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ। कहा कि 1994 में बीबीसी लंदन ने कहा था कि आपको गांधी के दर्शन करने हो तो उत्तराखंड में बड़ोनी के दर्शन कर लीजिये। कहा कि राज्य बने 24 वर्ष हो चुके हैं परंतु इंद्रमणि के विचारों का उत्तराखंड नहीं बन पाया। जिससे जनता को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। राज्य आंदोलनकारी महेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड की राज्य सरकारों की घोर निंदा करते हुए कहा कि सरकार ने बड़ोनी की अनदेखी की है। इस मौके पर महासचिव सत्यप्रकाश भारद्वाज, जगदीपक सिंह रावत, जर्नादन प्रसाद ध्यानी, पितृ शरण जोशी, आंदोलनकारी भगवती प्रसाद कण्डवाल, पुष्कर सिंह रावत, उमेद सिंह भंडारी, भारत मोहन काला, मुकेश बड़थ्वाल, प्रकाश बमराड़ा, अनिकेत नौटियाल, राजेंद्र पंत, सतपाल नेगी, कमलेश कुकरेती, गोपाल दत्त लखेड़ा, सुखदेव शास्त्री, राकेश भट्ट, सत्येंद्र नेगी, दिनेश धूलिया, हरीश ध्यानी, मयंक पांडे, प्रभाकर ध्यानी आदि ने विचार व्यक्त किये। अध्यक्षता पुष्कर सिंह रावत और संचालन सत्य प्रकाश भारद्वाज ने किया।

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