ऋषिकेश। मंगलवार को नरेंद्र नगर राज दरबार में मां त्रिपुरा सुंदरी शिव शक्ति धाम आश्रम के पीठाधीश्वर 1008 हरिओम महाराज, टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, उनकी सुपुत्री श्रीजा शाह और कई सुहागिन महिलाओं ने पीले वस्त्र धारण कर तिलों से तेल पिरोकर गाडू घड़ा कलश यात्रा का शुभारंभ किया। यह यात्रा बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की धार्मिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। तेल कलश यात्रा 7 अप्रैल को नरेंद्र नगर से शुरू होकर ऋषिकेश, श्रीनगर गढ़वाल, नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ और पांडुकेश्वर जैसे प्रमुख पड़ावों से गुजरते हुए 22 अप्रैल को बदरीनाथ धाम पहुंचेगी। 23 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर विधि-विधान के साथ श्री बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस यात्रा के दौरान कलश में भरा गया तिल का पवित्र तेल भगवान बदरी विशाल के अभिषेक और श्रृंगार में उपयोग किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 19 अप्रैल को यात्रा पाखी गांव, 20 अप्रैल को नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ और रविग्राम, 21 अप्रैल को पांडुकेश्वर में रात्रि विश्राम करेगी।
इस अवसर पर कुल पुरोहित कृष्णकांत उनियाल, अहाना शाह, सरिता जोशी, बबली रावत, शकुंतला देवी, मकानी देवी सहित अनेक सुहागिन महिलाएं उपस्थित रहीं। इस धार्मिक अनुष्ठान के साथ ही बदरीनाथ धाम यात्रा की तैयारियों का औपचारिक शुभारंभ हो गया।