देहरादून। एसएससी की मल्टी टास्किंग और हवलदार परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल कराने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देहरादून की अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। आरोपी ने ऑनलाइन परीक्षा केंद्र में फर्श के नीचे चैंबर बनाकर नकल का धंधा चलाया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार एमकेपी इंटर कॉलेज परिसर में वीएन सरीन सभागार स्थित परीक्षा लैब के पास यूपीएस रूम में बैटरियों के बीच एक अवैध अंडरग्राउंड चैंबर बनाया गया था। आरोपी नितीश कुमार 36 वर्ष निवासी देवरिया, यूपी पर रिमोट एक्सेस और आईटी उपकरणों का इस्तेमाल कर परीक्षा में नकल कराने का आरोप है। कोतवाली नगर पुलिस ने कुछ समय पहले आरोपी को गिरफ्तार करते हुए उसके खिलाफ आईटी एक्ट और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम) की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद आरोपी जेल भेजा गया। उसकी जमानत अर्जी पर कोर्ट में सुनवाई हुई। आरोपी के अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि उसे झूठा फंसाया गया है और उसका कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है। अभियोजन अधिकारी अनूप सिंह ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि आरोपी को गुप्त चैंबर की पूरी जानकारी थी और गैर प्रांत का होने के कारण उसके फरार होने की आशंका है। प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अपराध की गंभीरता और मामले की विवेचना जारी होने के देखते हुए नितीश कुमार की जामनत अर्जी खारिज कर दी।