जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : ऑफ इंडिया बैंक इम्लाइज एसोसिएशन के नेतृत्व में बैंक कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कहा कि लगातार विरोध के बाद भी श्रम कानून में बदलाव किए गए। इससे श्रमिकों के अधिकारों का हनन होगा। इस दौरान पुरानी पेंशन लागू करने की भी मांग उठाई गई। कहा कि कर्मचारियों की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गुरुवार को कर्मचारी बदरीनाथ मार्ग स्थित पंजाब नेशनल बैंक के समीप एकत्रित हुए। इस दौरान वक्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया। कहा कि सरकार श्रमिकों के हितों की अनदेखी कर रही है। केंद्र सरकार ने 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार नए कानून बनाकर श्रमिकों के अधिकारों का हनन किया है। समस्त श्रमिक सरकार के इस कार्य का विरोध करते हैं। कहा कि सरकार को जल्द से जल्द नियमों में बदलाव कर श्रमिकों के हित में योजना तैयार करनी चाहिए। कहा कि लगातार शिकायत के बाद भी बैंकों में पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती नहीं की गई है। जिससे काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन ने पुरानी पेंशन बहाली, बैंकों का विलय न कर बैंकों को और अधिक मजबूत बनाने के लिए योजना तैयार करने, औद्योगिक घरानों के खराब ऋणों की वसूली के लिए ठोस कानून बनाने, बैंक में ठेका प्रथा को बंद करने, स्थाई नियुक्ति करने व ग्राहकों से अनावश्यक सर्विस चार्ज न वसूलने की मांग उठाई। इस मौके पर यूनियन के प्रांतीय सहायक महामंत्री वीरेंद्र सिंह रावत, जिला सचिव कुलदीप चौधरी, डीपीएस बिष्ट, हरजीत सिंह, रमेश नेगी, भीम प्रसाद आदि मौजूद रहे।