रुद्रप्रयाग()। अगस्त्यमुनि विकासखंड के जलई गांव में मंगलवार को भालू के हमले से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला को पहले जिला अस्पताल और बाद में श्रीनगर हायर सेंटर रेफर किया गया जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे की है जब जलई गांव निवासी निशा देवी (60) अपने घर से नजदीकी जंगल में अन्य महिलाओं के साथ घास लेने गई थी। झाड़ियों से निकलकर भालू ने उनपर हमला कर दिया। हमले के दौरान महिला ढलान पर लुढ़क गई। महिलाओं के शोर मचाने पर भालू जंगल की ओर भाग गया। महिला को ग्रामीणों ने सीएचसी अगस्त्यमुनि लाया गया जहां उनका प्राथमिक उपचार कर उन्हें जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग रेफर किया गया। जिला अस्पताल में सर्जन न होने से उन्हें श्रीनगर गढ़वाल स्थित हायर सेंटर रेफर किया। महिला का फिलहाल उपचार चल रहा है। हमले में उनके कंधे, छाती और जांघ पर गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में रोष है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लगातार जंगली जानवरों की सक्रियता बनी हुई है, बावजूद इसके वन विभाग इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। घटना पर उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के जिला अध्यक्ष सूरत सिंह झिंकवाण ने कहा कि लगातार वन्यजीवों के हमले बढ़ रहे हैं लेकिन प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। यह हमला प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त, पिंजरे लगाने और वन्यजीवों को आबादी से दूर रखने के लिए ठोस कार्रवाई की मांग की है। घटना की सूचना पर वन विभाग की टीम इलाके में पहुंची और गश्त की। रेंजर एच. एस. रावत ने बताया कि भालू की सक्रियता को देखते हुए छह सदस्यीय टीम को क्षेत्र में भेजा गया है। कहा, मौके पर फॉरेस्टर गौरव भट्ट एवं फॉरेस्ट गार्ड ऋषिराज उपस्थित थे। टीम गश्त कर रही है ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।