पटना , बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद अब सबकी निगाहें नई सरकार और मंत्रिमंडल के गठन पर टिकी हैं। इस बीच, पटना में सभी 243 नवनिर्वाचित विधायकों के लिए आवास लगभग तैयार हो चुके हैं। इनमें 62 बंगले पहले से बने हुए थे, जबकि 181 बंगले (डुप्लेक्स) विशेष तौर पर नए तैयार किए गए हैं।
दारोगा राय पथ पर बने हैं डुप्लेक्स
पटना के दारोगा राय पथ पर पुरानी बिल्डिंगों को तोड़कर इन अत्याधुनिक बंगलों का निर्माण किया गया है। हर डुप्लेक्स लगभग 3700 स्क्वायर फीट में बना है और 4 क्च॥्य की सुविधा से लैस है।
इन बंगलों की संरचना को विधायकों की जरूरतों के हिसाब से डिजाइन किया गया है। ग्राउंड फ्लोर पर एक गेस्ट रूम, एक पीए (क्क्र) रूम, एक ऑफिस रूम और एक किचन दिया गया है। वहीं, फर्स्ट फ्लोर पर 3 बेडरूम हैं, जिसमें एक मास्टर बेडरूम भी शामिल है। बंगले में कुल 6 टॉयलेट हैं और सबसे ऊपर गार्ड रूम की भी व्यवस्था की गई है।
फर्नीचर से लैस हैं बंगले, क्षेत्र के नाम से हुए आवंटित
यह सभी बंगले ‘फुली फर्निश्डÓ हैं। विधायकों को रहने के लिए आते ही कोई असुविधा न हो, इसलिए सभी कमरों और डाइनिंग हॉल में बेड, सोफा समेत सभी जरूरी फर्नीचर भी मुहैया कराए गए हैं।
इस बार एक खास व्यवस्था की गई है, जिससे विधायकों या उनके क्षेत्र की जनता को आवास ढूंढने में मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। हर बंगले के बाहर संबंधित विधानसभा क्षेत्र का नाम और उसकी संख्या पहले से ही लिख दी गई है, जिससे यह तय है कि किस विधायक को किस बंगले में रहना है।
परिसर में हाईटेक और इको-फ्रेंडली सुविधाएं
कुल 44 एकड़ में फैले इस परिसर में बंगलों के अलावा एमएलए हॉस्टल, कैंटीन और कम्युनिटी सेंटर की सुविधा भी दी गई है। इन बंगलों को पर्यावरण के अनुकूल बनाया गया है। परिसर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है, जिससे पानी को रिसाइकिल कर बागवानी (प्लांटेशन) के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। वर्षा के पानी को स्टोर करने की भी व्यवस्था की गई है। बिजली बचत के लिए पूरे परिसर में एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं। सड़कों के किनारे और कॉमन स्पेस पर चम्पा, गुलमोहर और महोगनी के पौधे लगाकर इसे हरा-भरा बनाया गया है।