चम्पावत(। जिले के खेतीखान क्षेत्र में स्थापित सोलर प्लांटों का लाभार्थियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। करोड़ों रुपये से स्थापित सोलर प्लांट स्वामियों को बैंक की किस्त जमा करनी पड़ रही है। इसको लेकर उन्होंने डीएम को ज्ञापन भेजा है। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू की गई थी। लेकिन जनपद के अधिकांश लाभार्थियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। भारी बिजली कटौती के चलते सोलर प्लांट से उत्पादन ठप हो गया है। जिससे ग्रामीण लाभार्थी बैंकों की भारी भरकम किस्त चुकाने में असमर्थ हैं। मंगलवार को लाभार्थियों ने डीएम मनीष कुमार से मुलाकात कर जल्द प्लांटों के संचालन की मांग उठाई है। वर्तमान समय में चम्पावत जिले के गड़कोट, नरियालगांव, भगीनाभंडारी और नरसिंहडांडा क्षेत्र में कई ग्रामीणों ने बैंक से लोकन लेकर प्लांट लगाए हैं। जिसकी मासिक किस्त एक लाख रुपए से अधिक जा रही है। लाभार्थियों का आरोप है कि ऊर्जा निगम ने 18 महीने पहले टेक्निकल फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर ली थी। उसके बाद ऊर्जा निगम ने लाइन नहीं बिछाई हैं। जिससे सोलर प्लांट पूरी तरह से संचालित नहीं हो सके हैं। डीएम से मिलने वालों में प्रीति जोशी, विजय लक्ष्मी, भावना पांडेय, पार्वती बिष्ट, प्रेमा सनवाल, कुसुम फर्त्याल, कृष्णानंद भट्ट, उर्वशी भट्ट, दीप्ति खर्कवाल, गीता देवी आदि शामिल रहे।