कहानियों से मिलता है बेहतर ज्ञान

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जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की पहल पर बाल साहित्यकार मनोहर चमोली मनु के कहानी संग्रह कहानियां बाल मन की पुस्तक की समीक्षा की गई। जिसमें संग्रह की कहानियां, उनकी विविधता, समरूपता, संवाद शैली, प्रकृति के मानवीकरण सहित अनेक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। संग्रह में बाल मनोविज्ञान से जुड़ी 40 कहानियां पिरोई गई हैं।
अजीम प्रेमजी फाउंडेशन कार्यालय सभागार में आयोजित पुस्तक समीक्षा कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता उमेश डोभाल स्मृति ट्रस्ट के सचिव आशीष नेगी ने किया। उन्होंने कहा शिक्षा के क्षेत्र में कहानियां सबसे महत्वपूर्ण होती हैं। कहानियां बच्चों में जिज्ञासा, रोचकता, कल्पनाशीलता, रचनात्मकता का सृजन करने के साथ ही हर मोर्चे पर खड़ी मिलती है। कहा इस संग्रह में अंधविश्वास, खाद्य श्रृंखला, समाज की कुरीतियों, हमारे परिवेश में छोटी-छोटी बातों को कहानियों में पिराया गया है। कहा इन कहानियों को संवाद संयोजन के साथ रिकॉर्ड भी किया जाएगा। साहित्यकार मनोहर चमोली मनु ने संग्रह की संकल्पना, सृजन व प्रकाशन के महत्व पर जानकारी दी। उनकी दो कहानी संग्रह अंतरिक्ष से आगे बचपन, जीवन में बचपन के साथ ही नेशनल बुक ट्रस्ट से पुछेरी, ऐसे बदली नाक की नथ का प्रकाशन पहले ही हो चुका है। इस मौके पर डा. कमलेश मिश्रा, धर्मवीर सिंह रावत, राजू नेगी, अंजलि डुडेजा, पूनम भारती आदि मौजूद रहे। संचालन गणेश बलूनी ने किया।

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