चंडीगढ़, एजेंसी। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का विरोध किया है। मंगलवार को पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा धर्म के नाम पर राजनीति करती है। समान नागरिक संहिता की क्या जरूरत है? जब सामाजिक रूप से सब एक समान हो जाएंगे तो इसे लागू कर दें। देश एक गुलदस्ते की तरह है। गुलदस्ते में हर रंग के फूल हैं और हर रंग की एक अलग संस्कृति है। इससे छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री मान की यह टिप्पणी इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि आम आदमी पार्टी ने सैद्धांतिक रूप से यूसीसी का समर्थन किया है। मान ने आगे कहा कि संविधान कहता है कि पूरा समाज एक समान हो जाए तो ऐसे कोड लागू करें। क्या हम सामाजिक तौर पर बराबर हो गए हैं? अभी भी बहुत से दलित लोग हैं, जिन्हें पढ़ने का समय नहीं मिलता, अर्थव्यवस्था के कारण किसी को काम करने का समय नहीं मिलता।
शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता डॉ. दलजीत चीमा ने कहा कि यह अच्छी बात है, मुख्यमंत्री को इसकी समझ आने लगी है लेकिन इससे आप का दोहरा चेहरा भी सामने आया है। कुछ दिन पहले आप नेता व सांसद संदीप पाठक ने राष्ट्रीय स्तर पर यूसीसी का समर्थन किया। इससे साफ हुआ कि केजरीवाल खुद यूसीसी के हक में हैं।
भगवंत मान ने कहा कि दिल्ली सरकार के खिलाफ लाए गए अध्यादेश का कांग्रेस को विरोध करना चाहिए, क्योंकि कांग्रेस पार्टी भाजपा की गलत नीतियों का सबसे ज्यादा नुकसान उठा रही है। राहुल गांधी की सदस्यता तक रद्द कर दी गई। उनसे सरकारी घर तक छीन लिया गया है। ऐसे में सभी को एकजुट होने की जरूरत है।